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छत्तीसगढ़: बीजापुर में पुलिस और ग्रामीणों में झड़प,


  • रायपुर: बीजापुर जिले के सिलगेर गांव में नये पुलिस कैंप के विरोध में कल सोमवार को हुए पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प में पुलिस की ओर से हुई फायरिंग में मारे गए तीन लोगो की अब तक शिनाख्ती नहीं हो पाई है। बस्तर आईजी तीनों ही लोगो की शिनाख्ती के लिए स्थानीय पुलिस जुटी होने की बात कह रहे हैं, वही आईजी का कहना है कि इस घटना में 5 ग्रामीण घायल हैं और सभी घायलों का इलाज बीजापुर के जिला अस्पताल में किया जा रहा है। आईजी ने इस पूरे घटनाक्रम को नक्सलियों का साजिश करार दिया है और मौके पर हुए फायरिंग को लेकर नक्सलियों की ओर से पहले गोली चलाने का दावा किया है, आईजी ने बताया कि इस घटना में 12 से अधिक पुलिस के जवान भी घायल हुए हैं, हालांकि उन्हें मामूली चोट आयी है।

नये कैम्प के विरोध में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए हिंसात्मक झड़प को लेकर ग्रामीण पुलिस पर उनके ऊपर फायरिंग करने का आरोप लगा रहे हैं, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की ओर से हुए फायरिंग में 15 से अधिक ग्रामीण घायल हुए हैं, जबकि तीन ग्रामीण भी मारे गए हैं। इधर ग्रामीणों के इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए बस्तर के आईजी का कहना है कि मारे गए लोगों की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। ऐसे में उन्हें ग्रामीण कहना जल्दबाजी होगी, आईजी का कहना है कि ग्रामीणों की आड़ में नक्सलियों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया और बकायदा पुलिस पर फायरिंग भी की।

जवाबी कार्यवाही में पुलिस के द्वारा फायरिंग की गयी, उन्होंने कहा कि फायरिंग के दौरान कुछ ग्रामीणों को भी गोली लगी और विवाद थमने के बात पतासाजी के दौरान सिलगेर के एक ग्रामीण घायल होने की जानकारी मिली जबकि अन्य चार ग्रामीण अलग अलग गांव के होना पाया गया और जिसके बाद उन्हें भी पुलिस की मदद से बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। आईजी का कहना है कि नक्सली लगातार पुलिस कैंप का विरोध करते आए हैं और ऐसे में इस कैंप के विरोध के लिए भी नक्सलियों ने साजिश रची थी और ग्रामीणों की आड़ में पुलिस पर हमला किया।