नई दिल्ली, । Delhi Heatwave Precautions: मौसम विभाग ने कुछ दिन पहले दिल्ली सहित पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हीटवेव की चेतावनी जारी की। भारत में वैसे गर्मी में लू आम बात है, लेकिन इस साल गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। मई-जून के मौसम में तापमान काफी बढ़ गया है। जो सेहत के लिए ख़तरा साबित हो सकती है। हीट स्ट्रोक, लू लगना और हीट एक्सॉशन सीरियस बीमारियां हैं, जो गंभीर रूप से किसी को भी बीमार कर सकती हैं।
हीट एक्सॉशन से शरीर में तेज़ी से डिहाइड्रेशन होने लगता है, आमतौर पर काफी पसीना आता है, जिससे पानी और नमक की कमी हो जाती है और व्यक्ति की ऊर्जा जैसे ख़त्म हो जाती है। हीट एक्सॉशन के वॉरनिंग साइन में- बेहोशी, मतली, कमज़ोरी, थकावट, चिड़चिड़ापन, सिर दर्द और शरीर का तापमान बढ़ जाता है। अगर हीट एक्सॉशन का इलाज न किया जाए, तो यह हीट स्ट्रोक में बदल सकता है।
हीट स्ट्रोक, हीट एक्सॉशन से कहीं ज़्यादा गंभीर होता है, और इसमें फौरन मेडिकल मदद की ज़रूरत पड़ती है। हीटस्ट्रोक के लक्षणों में भ्रम, परिवर्तित मानसिक स्थिति, आवाज़ का खराब होना, चेतना की हानि, गर्म, शुष्क त्वचा या अत्यधिक पसीना, दौरे और शरीर का बहुत अधिक तापमान बढ़ जाना शामिल है।
हीट स्ट्रोक के चेतावनी के संकेत क्या हैं?
हीट स्ट्रोक के कई चेतावनी के संकेत दिखते हैं, जिन्हें अगर वक्त पर नोटिस कर लिया गया तो हालत गंभीर होने से पहले इलाज शुरू किया जा सकता है।
– शरीर का तापमान अधिक बढ़ जाना (104 F से ऊपर)
– त्वचा का लाल, गर्म और रूखा हो जाना (पसीना न आना)
– पल्स का तेज़ होना
– बहुत तेज़ सिरदर्द
– बेहोशी

– चक्कर आना
– मतली आना
– भम्र की स्थिति
– बेहोश हो जाना
– आवाज़ साफ न आना
हीट स्ट्रोक होने पर क्या करना चाहिए?
अगर आप हीट स्ट्रोक से प्रभावित होते हैं, तो सारे काम रोक कर फौरन किसी ठंडी जगह की ओर जाएं। खूब सारा पानी पिएं, टॉवल को गीला कर अपने हाथों, गर्दन और मुंह पर रखें। इसके अलावा आप ठंडे पानी से नहा भी सकते हैं। आप अंडरआर्मस, गर्दन, ग्रोइन और पीठ पर बर्फ का पैक भी लगा सकते हैं। बिना समय गवाएं डॉक्टर से संपर्क करें।