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नीतीश के खिलाफ हुआ था षड्यंत्र, आरसीपी के रूप में दूसरा चिराग पासवान तैयार किया जा रहा था: ललन


पटना। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्र में जदयू कोटे से पूर्व मंत्री आरसीपी सिंह द्वारा जदयू से इस्तीफे पर रविवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मारक अंदाज में जवाब दिया। कहा कि आरसीपी के रूप में दूसरा चिराग पासवान तैयार किया जा रहा था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम लोग इस बात को लेकर सतर्क थे। देर-सबेर आरसीपी सिंह को तो जदयू से जाना ही था। दरअसल उनका तन यहां और मन कहीं और था। यह सभी को पता है कि उनका मन कहां था। ललन ने कहा कि नीतीश के खिलाफ षड्यंत्र किया गया था, पर उनकी बनाई लकीर अमिट है। जदयू प्रदेश कार्यालय में विशेष रूप से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही। 

ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी स्वतंत्र हैं। जहां मन करे स्वेच्छा से वहां चले जाएं। जदयू से उनके त्यागपत्र पर हमें कुछ नहीं कहना है पर उन्होंने जो बातें कहीं हैं वह सुनकर आश्चर्य होता है। नीतीश कुमार के खिलाफ वह व्यक्ति बोल रहा है जिस पर नीतीश कुमार ने लंबे समय तक भरोसा किया। वह क्या जानते हैं समता पार्टी और जदयू के बारे में? एबीसीडी तक का क्या ज्ञान नहीं। संघर्ष नहीं सत्ता के साथी रहे हैं। वह कह रहे कि जदयू डूबता हुआ जहाज है। उन्हें मालूम होना चाहिए कि जदयू दौड़ता हुआ जहाज है। कुछ लोगों ने इस जहाज में छेद कर दिया था। जहाज को मरम्मत कर ऐसे लोगों का अलग किया गया है।

लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे आरसीपी

ललन सिंह ने कहा कि 2009 में आरसीपी सिंह लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे पर नीतीश कुमार ने मना कर दिया। इसके बाद वह राज्यसभा भेजे गए। नीतीश कुमार ने खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़कर आरसीपी सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। पार्टी के मालिक नीतीश कुमार हैं। केयर टेकर के रूप में काम कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुद को मालिक समझ लिया। दरअसल सत्ता चले जाने के बाद आरसीपी बौखलाहट में हैं।

विकास के कार्यों को किसने किया

ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ षड्यंत्र हुआ था इसी लिए सीट 43 पर आ गई। षड्यंत्र करने वाले अगर नीतीश कुमार द्वारा बनाई गई लंबी लकीर को मिटाने का प्रयास कर रहे पर वह अमिट है। उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह बूथ स्तर पर जदयू के अध्यक्ष बना दिए जाने की बात कर रहे। एक मार्च 2020 को उन्होंने पटना में बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन किया था। दावा किया गया था कि पांच लाख लोग आए। सभी को यह पता है कि कितने लोग आए थे। जदयू में यह संस्कृति नहीं रही है कि जहां जाना है वहां एक दिन पहले माला पहुंचा दीजिए। आश्चर्य है कि आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री के भूंजा खाने पर टिप्पणी कर रहे। विकास के इतने काम हुए तो उसे किसने किया?

संवाददाता सम्मेलन में जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री  संजय झा, सुनील कुमार, विधान पार्षद नीरज कुमार, संजय गांधी, रवींद्र सिंह, मुख्यालय प्रभारी उपाध्यक्ष डा. नवीन आर्य चंद्रवंशी, जदयू प्रवक्ता प्रो, रणवीर नंदन, मंजीत लिंह, निखिल मंडल, प्रगित मेहता व अरिवंद निषाद भी मौजूद थे।

एनडीए में आल इज वेल पर मंहगाई जनता मुद्दा 

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह से जब बिहार में एनडीए की अंदरूनी स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आल इज वेल। उप राष्ट्रपति चुनाव में हम लोगों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया। बीमार बशिष्ठ नारायण सिंह ने तो व्हील चेयर पर जाकर मतदान किया। महंगाई पर राजद के प्रदर्शन पर ललन ने कहा कि मंहगाई तो बढ़ी ही है। यह जनता का मुद्दा है।