पटना

पटना: आश्रय गृह योजनान्तर्गत 12 जिलों में बनाये जाने वाले भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र हो : सीएम


      • बाल विवाह एवं दहेज उन्मूलन के लिए लगातार अभियान चले
      • महिलाओं, बच्चों, वृद्धों, निराश्रितों के हित में योजनाओं को क्रियान्वित करें
      • कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को18 वर्ष होने तक 1,500 रुपये प्रतिमाह दिये जायें
      • मुख्यमंत्री ने की समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक

(आज समाचार सेवा)

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को एक अणे मार्ग स्थित संवाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की। समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने विभाग के अन्तर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विकास के लिये राज्य सरकार द्वारा कई योजनायें चलायी गयी हैं। बच्चियों की पढ़ाई, नौकरी, प्रषिक्षण के कई प्रावधान किये गये हैं। अधिक से अधिक बच्चियॉ पढ़ाई के लिये प्रेरित हो सकें, इसके लिये साइकिल योजना एवं पोषाक योजना चलायी गयी। महिलाओं को साक्षर करने के लिये योजना चलायी गयी। वर्ष 2011 में जनगणना रिपोर्ट में महिलाओं को साक्षर करने की तारीफ की गयी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिषत का आरक्षण दिया गया। मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों को 33 प्रतिषत आरक्षण देने का प्रावधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में स्वयं सहायता समूह ‘जीविका’ की शुरूआत की गयी, जिसे उस समय की केन्द्र सरकार ने ‘आजीविका’ नाम से इसे एडॉप्ट किया। आज राज्य में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। जीविका समूह को कई प्रकार के कार्य की जिम्मेवारी दी गयी है। महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने में जीविका महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिये राज्य सरकार द्वारा अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सर्वे में जानकारी मिली कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश एवं बिहार का प्रजनन दर 2 है। पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर पास है तो देश का प्रजनन 1.7 है, जबकि बिहार का 1.6 है। इससे यूरेका की भावना आयी कि लड़कियॉ अगर शिक्षित होंगी तो राज्य का प्रजनन दर नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में प्लस टू तक की पढ़ाई की शुरूआत की जा रही है। जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिये लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृहत आश्रय गृह योजनान्तर्गत 12 जिलों में बनाये जाने वाले भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करें। जहॉ आंगनबाड़ी केन्द्र का अपना भवन नहीं है, वहॉ भवन का निर्माण शीघ्र करायें। उन्होंने कहा कि सभी चलायी जा रही योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी करें। महिलाओं, बच्चों, वृद्धों, निराश्रितों के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को क्रियान्वित करें। दिलचस्पी के साथ कार्यों को पूर्ण करना है ताकि उसका लाभ सभी को मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे बच्चे-बच्चियों जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गयी, जिनमें कम से कम एक की मृत्यु कोरोना से हुयी हो, उनको बाल विकास सहायता योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष होने तक 1,500 रूपये प्रतिमाह दिये जायें। जिन अनाथ बच्चे-बच्चियों के अभिभावक नहीं हैं, उनकी देख-रेख बाल गृह में हो। ऐसे अनाथ बच्चियों का कस्तूरबा गॉधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्राथमिकता के आधार पर नामांकन करायें।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद, महिला विकास निगम की प्रबंध निदशक हरजोत कौर, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि सहित अन्य वरीय अधिकारी जुड़े हुये थे।