पटना

पटना में महिला ने ब्लैक फंगस और कोरोना को दी मात


      • एम्स में एडमिट ब्लैक फंगस के चार इलाजरत मरीज पहले से बेहतर
      • ब्लैक फंगस की शुरू में पहचान होने पर ठीक हो जाते हैं मरीज

पटना। कोरोना की दूसरी लहर का कहर अभी भी मारक बना हुआ है। हालांकि लॉकडाउन की वजह से इसकी रफ्तार में थोड़ी कमी आई है। रिकवरी रेट फिर से बढ़ने लगा है। नए मरीजों के मिलने की तुलना पुराने मरीज ज्यादा संख्या में ठीक होने लगी है। लोग इससे थोड़ा सकून में आया ही था कि ब्लैक फंगस ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है। लेकिन इसमें भी गुड न्यूज है कि पटना में एक महिला ने ब्लैक फंगस को पराजित कर दिया। उसे मात दे दी।

मिल रही जानकारी के अनुसार, पटना के आइजीआइएमएस में पिछले कई दिनों से मुजफ्फरपुर के कुढ़नी निवासी महिला ने कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस (म्यूकर मायकोसिस) को भी पराजित किया है। कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उस महिला को 6 मई को एडमिट कराया गया था। उसमें आंख और नाक में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी। उसका इलाज शुरू हुआ और अब ठीक हो गई।

पटना में कुल पांच मरीजों में दो दिन पहले ब्लैक फंगस की पुष्टि की जानकारी आई थी। इससे मेडिकल महकमे में हड़कंप मच गया। इनमें से एक मरीज आइजीआइएमएस व चार मरीज पटना एम्स में मिले थे। अब आइजीआइएमएस में एडमिट महिला मरीज स्वस्थ हो गई, जबकि पटना एम्स में एडमिट ब्लैक फंगस के चार मरीजों का इलाज चल रहा है। वे चारों भी पहले से बेहतर हैं।

सूत्रों के अनुसार, उन सबों को भी चार-पांच दिनों में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इस बाबत आइजीआइएमएस के निदेशक डॉ मनीष मंडल के अनुसार, ब्लैक फंगस की शुरू में पहचान होने पर कोई प्रॉब्लम नहीं होती है। मरीज ठीक हो जाते हैं।