पटना

पटना: 400 पंचायत नियोजन इकाइयों की मेधा सूची भी रद्द


      • त्रुटिपूर्ण पायी गयी मेधा सूची अगले राउंड के साथ काउंसलिंग
      • गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी काररवाई का शिक्षा मंत्री का निर्देश

(आज शिक्षा प्रतिनिधि)

पटना। राज्य में प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिन 400 पंचायत नियोजन इकाइयों की काउंसलिंग की काररवाई स्थगित किये जाने के साथ ही त्रुटिपूर्ण मेधा सूची भी रद्द कर दी गयी है। इन पंचायत नियोजन इकाइयों में गड़बडिय़ों को दूर करते हुए अगले राउंड में नियोजन की काररवाई करने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने निर्देश दिया है कि विभाग गहन समीक्षा एवं जांच कर कड़ी से कड़ी काररवाई करे, ताकि नियोजन की प्रक्रिया पारदर्शी रहे। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में प्रारंभिक शिक्षक के पद पर छठे चरण के अंतर्गत फस्र्ट राउंड में नियुक्ति हेतु काउंसलिंग की काररवाई पांच जुलाई से 12 जुलाई तक हुई।

उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में जिन नियोजन इकाइयों में दिव्यांग अभ्यर्थियों के नये आवेदन प्राप्त नहीं हुए, उन नियोजन इकाइयों में पांच जुलाई से आठ जुलाई तक नगर निकाय नियोजन इकाइयों में नियोजन की काररवाई सम्पन्न हुई। 12 जुलाई को पंचायत नियोजन इकाइयों में नियोजन हेतु काउंसलिंग की काररवाई तय थी।

इसके लिए काउंसलिंग से पूर्व जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार लगभग 4808 पंचायत नियोजन इकाइयों में नियोजन की काररवाई सम्पन्न की जानी थी, किंतु निर्धारित तिथि को आहूत काउंसलिंग से पूर्व किये गये वीडियो कान्फ्रेंसिंग में प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा पंचायत नियोजन इकाइयों द्वारा तैयार की गयी मेधा सूची के अनुमोदन के क्रम में जांच की गयी।

जांच के क्रम में मेधा सूची में पायी गयी त्रुटि यथा, मेधा सूची का ससमय निर्माण नहीं किया जाना, आवेदन प्राप्त करने के बावजूद मेधा सूची में अभ्यर्थी का नाम नहीं रहने आदि कारणों से इनमें से लगभग 400 पंचायत नियोजन इकाइयों में काउंसलिंग की काररवाई स्थगित की गयी और त्रुटिपूर्ण मेधा सूची रद्द कर दी गयी। इन पंचायत नियोजन इकाइयों में गड़बडिय़ों को दूर करते हुए अगले राउंड में नियोजन की काररवाई करने का निर्णय  लिया गया।

साथ ही, कुछ नियोजन इकाइयों पर काउंसलिंग इकाई के सदस्यों-स्थानीय लोगों की मिलीभगत से अव्यवस्था फैलायी गयी, जिसके कारण मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट एवं पारू प्रखंड में प्राथमिकी भी दर्ज की गयी। काउंसलिंग की गतिविधि का जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर पर लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से अनुश्रवण किया गया था।