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पीएम किसान सम्मान निधि : पूर्वांचल के जिलों में 12 वीं किस्त के सम्मान से वंचित हुए 6.73 लाख किसान


जौनपुर, । किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित हैं। व्यवस्था में खामी के चलते तमाम पात्र लाभ से वंचित हो जा रहे हैंं। इसमें में एक है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। योजना की गत 17 अक्टूबर को जारी हुई 12 वीं किस्त के लाभ से 673649 किसान वंचित रह गए।

जौनपुर: शासन ने अन्य योजनाओं के पात्रों की तरह किसानों को आनलाइन करने के लिए उनके भूलेख (भूमि का डाटा) को पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था छह माह से संचालित की है। इसमें कृषि के साथ ही राजस्व विभाग को भी लगाया गया है, लेकिन कर्मचारियों की उदासीनता व किसानों की अनदेखी के चलते बड़े पैमाने पर किसान रबी की फसलों के बोआई में मदद के लिए लाभकारी किसान सम्मान निधि का 12 वीं किस्त से वंचित रह गए।

इसे लेकर शासन की सख्ती के बाद जारी हुए निर्देश पर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला मुख्यालयों पर और ब्लाकों में एक-एक कंट्रोल रूम स्थापित कर वंचित अन्नदाताओं के भूलेख को पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि योजना के लाभ से जल्द किसानों को जोड़ा जा सके।

सबसे अधिक आजमगढ़ तो सबसे कम सोनभद्र में किसान वंचित

पीएम सम्मान निधि की 12 वीं किस्त के लाभ से सबसे अधिक आजमगढ़ के 1.46 लाख किसान वंचित हुए हैं। हालांकि यहां पात्र किसानों की संख्या भी सात लाख के करीब है। वहीं सोनभद्र में सबसे कम 16248 किसान वंचित हुए हैं। यहां पात्र किसानों की संख्या भी अन्य जिलों की अपेक्षा कम है। इसी तरह जौनपुर में 1.35 लाख तो गाजीपुर में 1.29 लाख किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित हुए हैं।

भूलेख को पोर्टल पर अपलोड करने का उद्देश्य

सरकार का किसानों के भूलेख को पोर्टल पर अपलोड करने का उद्देश्य उन्हें तमाम तरह की योजना का लाभ देने के साथ ही पात्र किसानों का सत्यापन भी करना है। ताकि पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि सहित समितियों से खाद-बीज सहित अन्य योजना का लाभ मिल सके। इसके साथ की अपात्र किसानों को लाभ से वंचित किया जा सके।

किसान जनसेवा केंद्रों से भी करा सकते हैं अपलोड

मऊ के जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि ई-केवाईसी कराए और भूलेख पोर्टल पर अपलोड कराए किसानों के खाते में धनराशि जा रही है। वंचित किसान तहसील के माध्यम से भूलेख (खतौनी आदि) पोर्टल पर अपलोड करा लें। जो किसान ई-केवाईसी नहीं कराए हैं वे तत्काल जनसेवा केंद्र से भी करा सकते हैं। किसानों के सुविधा के लिए सभी ब्लाक मुख्यालयों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।

अभी किसानों के भू-अभिलेख का सत्यापन चल रहा है

अभी किसानों के भू-अभिलेख का सत्यापन चल रहा है। सत्यापन के बाद जिन किसानों का डाटा पोर्टल पर अपलाेड हो चुका था, उन्हें योजना की 12 वीं किस्त मिली है। 65 हजार मृतक, भूमिहीन व आयकरदाता मिले हैं, जिनके नाम पोर्टल से डिलीट किए गए। शेष का सत्यापन चल रहा है। उनके खाते में भी 12 वीं किस्त जल्द चली जाएगी।

-मुकेश कुमार, उप निदेशक कृषि, आजमगढ़।