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बिहार में आ गया मासूमों की मौत का भयावह मौसम! गर्मी के साथ बढ़ा चमकी बुखार का खतरा


पटना, । बिहार के मुजफ्फरपुर सहित 12 जिलों में हर साल कहर ढाने वाले बीमारी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome or AES) या चमकी बुखार (Chamaki Fever) की बीमारी ने गर्मी बढ़ने के साथ दस्‍तक दे दी है। इससे निपटने की तैयारियों में स्वास्थ्य विभाग (Department of Health) जुट गया है। बीमारी के केंद्र मुजफ्फरपुर में तैयारियों को नाकाफी पाकर वहां के सिविल सजर्न डा. वीरेंद्र कुमार को निलंबित भी किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Health Minister Mangal Pandey) ने बताया कि सरकार इस बीमारी से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर क्‍या है यह बीमारी और क्‍या हैं इससे बचाव के उपाय।

12 सालों में चपेट में आ चुके हैं 20 हजार बच्‍चे

एईएस या चमकी बुखार की बीमारी बीते कुछ सालों से बिहार में बच्‍चों पर कहर बनकर टूट रही है। गर्मी बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है। बीते 12 साल के दौरान बिहार में 20 हजार से अधिक बच्‍चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बीमारी के केंद्र मुजफ्फरपुर जिले में हीं बीते 12 सालों के दौरान करीब पांच सौ मौतें हुईं हैं। साल 2019 में 111 बच्चों की मौत से तो पूरे देश में हड़कम्‍प मच गया था।