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बुलडोजर चलने पर खूब हुआ बवाल, पुलिस पर फेंके पत्थर; लोगों के मरने की फैलाई गई अफवाह


लखनऊ। कुकरैल नदी पर कब्जा करके बनाए गए अवैध अकबरनगर में एक फर्नीचर शोरूम के चार मंजिला अवैध गोदाम को गिराने के बाद एलडीए और पुलिस पर पथराव हो गया। देखते ही देखते क्षेत्र में अराजकता फैल गई। पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया। एलडीए के अधिकारी अपनी जान बचाकर मौके से भागे।

 

बहुत देर तक कुछ लोगों ने शांति व्यवस्था प्रभावित करने के लिए अफवाह का बाजार भी गर्म कर दिया। कुछ देर बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। अवैध रूप से बने सम्राट फर्नीचर के शोरूम को एलडीए ने पहले ही ध्वस्त कर दिया था। इसके मालिक हमीदुल बारी के चार मंजिला दो अवैध गोदाम अकबरनगर में थे। इसका पता भी नोटिस में गलत लिखवाया गया था।

एलडीए ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद जांच में यह मामला पकड़ा। रविवार सुबह एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा पुलिस बल के साथ दोनों अवैध गोदाम को गिराने के लिए अकबरनगर पहुंचे थे। यहां पहले दो घंटे तक एलडीए को ध्वस्तीकरण से रोका गया। किसी तरह एलडीए ने अपने दस्तावेज दिखाए तो ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। चार मंजिला अवैध गोदाम का हिस्सा गिरते ही वहां धूल का गुबार उठने लगा।

दबकर मरने की फैलाई गई अफवाह

एक साजिश के तहत कुछ लोगों ने दूसरी बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचने और कुछ लोगों के दबकर मरने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते अराजकता इतनी फैली कि पुलिस और एलडीए को लोगों ने पत्थर और लोहे की राड लेकर दौड़ा लिया। पौकलैंड छोड़कर चालक को भी भागना पड़ा। बाहर मुख्य सड़क पर पुलिस के वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया। अकबरनगर से लेकर अयोध्या रोड पर भगदड़ मच गई।

बवाल की सूचना पर डीसीपी मध्य रवीना त्यागी, डीसीपी पश्चिम राहुल राज समेत कई थानों का पुलिस बल, पीएसी और और जेसीपी कानून एवं व्यस्था उपेंद्र कुमार अग्रवाल, एलडीए वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी पहुंच गए। इस बीच मौके पर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं, युवक और पुरुषों की हजारों संख्या में भीड़ जुट गई। पुलिस ने उन्हें दौड़ाना शुरू किया दिया। भीड़ और उग्र हो गई।

एलडीए के कैंप में घुस गई और वहां पर रखी कुर्सियां और फर्नीचर तोड़ दिए। पथराव कर रहे अधिकतर लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए मुंह में रुमाल बांधे थे। इस कारण पुलिस पहचान भी नहीं पा रही थी। बचाव में पुलिस ने भी पथराव किया। भीड़ को खदेड़ कर गलियों के अंदर भेज दिया। इसके बाद वहां से बैरीकेडिंग कर दी। माइक से पुलिस ने एनाउंस कर लोगों को घर जाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही अयोध्या रोड पर दोनों ओर से वाहनों का आगमन रोक दिया गया। वाहनों का डायवर्जन वैकल्पिक मार्ग पर किया गया।

चार पुलिस कर्मियों को परिवार ने बचाया

पथराव के दौरान चार पुलिसकर्मी भाग रहे थे। पीछे से मुंह में रुमाल बांधे अराजकतत्व उन पर पथराव कर रहे थे। पुलिसकर्मियों को भागते देख अयोध्या रोड पर रहने वाले एक परिवार ने आननफानन अपने मकान का दरवाजा खोला और पुलिस कर्मियों को अंदर बुलाकर शरण दी। इसके बाद उग्र अराजकतत्वों ने उस घर पर भी पथराव शुरू कर दिया।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट ने घटना के बाद जानकारी दी कि अवैध इमारत ध्वस्तीकरण के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई है। न ही किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना है। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की अफवाह न फैलाए। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।