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राज्यसभा में पहले सप्ताह महज 27 प्रतिशत हुआ कामकाज, मूल्य वृद्धि और जीएसटी पर चर्चा की मांग पर होता रहा व्यवधान


नई दिल्ली, एजेंसी। राज्यसभा ने मौजूदा मानसून सत्र के पहले सााह में 26.90 प्रतिशत कामकाज की सूचना दी है। राज्यसभा सचिवालय ने कहा कि उच्च सदन ने सत्र के पहले तीन दिन केवल एक घंटे, 16 मिनट विधायी कार्य किया। बाद के दो दिनों में इसमें सुधार हुआ और इसने पांच घंटे, 31 मिनट विधायी कार्य किया। व्यवधानों और जबरन स्थगन के कारण निर्धारित बैठक के कुल 18 घंटे, 44 मिनट का समय नष्ट हो गया।

सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही में शुक्रवार को स्वास्थ्य के अधिकार को लेकर एक निजी विधेयक पर ढाई घंटे चर्चा हुई। इस कारण कामकाज की अवधि में कुछ हद तक सुधार संभव हुआ। सदन में मूल्य वृद्धि और जीएसटी को लेकर चर्चा करने की विपक्ष की मांग पर कार्यवाही में व्यवधान होता रहा।

सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सदन को सूचित किया कि मूल्य वृद्धि पर अलग से चर्चा का निर्णय लिया गया है। सदन में सामान्य स्थिति की वापसी के लिए उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं से भी बात की है। अधिकारियों ने कहा कि चालू सत्र के पहले सााह में 75 सूचीबद्ध तारांकित प्रश्नों में से 22 का सदन में मौखिक उत्तर दिया गया।

सदस्यों द्वारा पांच विशेष उल्लेख किए गए। सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली [गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम) विधेयक, 2022 पर 42 मिनट तक चर्चा हुई। इसमें आठ सदस्यों ने भाग लिया।