लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के दो सौ से ज्यादा ( बुद्धिजीवियों) भारतीय प्रशासनिक ,पुलिस तथा न्यायिक सेवा के अधिकारी राज्य में लाये गये लव जेहाद कानून के पक्ष में हैं और इसके समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है । इससे कुछ दिन पहले कुछ नौकरशाहों ने इस कानून का विरोध किया था तथा इसे समाज विरोधी बताया था । दो सौ से ज्यादा नौकरशाहों का पत्र उस विरोध का जवाब माना रहा है । पत्र में कहा गया है कि समय की मांग के अनुसार ही कानून बनाया गया है और इससे महिलाओं का हित सुरक्षित हो रहा है । यह कानून किसी धर्म विशेष के लिये नहीं है । बता दें कि राज्य सरकार ने लव जेहाद को लेकर जो कानून बनाया है उसमें धर्म परिवर्तन के लिये शादी को अवैध ठहराया गया है और इसमें सजा और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है । उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव योगेन्द्र नारायण ने कहा कि समाज में कुरीतियां आने पर सरकार को कानून बनाने का हक है ।
इसमें सभी धर्मों का हक सुरक्षित किया गया है । पत्र में यह भी कहा गया है कि धर्म परिवर्तन के लिये कानून में व्यवस्था दी गई है ।
Related Articles
Bihar : सुशील मोदी ही नहीं, इन नेताओं को भी हुआ था कैंसर; किसी ने गंवाई जान तो किसी ने जीत ली जंग – Not only Sushil Modi these leaders also had cancer Yashwant Sinha Manohar Parrikar VP Singh 4–5 minutes Bihar Politics बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता सुशील कुमार मोदी 6 महीने से कैंसर से जूझ रहे हैं। उनकी बीमारी के बारे में खुलासा होने पर पूरा सियासी जगत हिल गया था। लालू से लेकर नीतीश कुमार ने उनका हाल जाना और जल्द ठीक होने की कामना की। इसी क्रम में आज हम बताएंगे कि सुशील मोदी से पहले किन-किन नेताओं को कैंसर हो चुका है। By Sanjeev Kumar Edited By: Sanjeev Kumar Published: Sat, 06 Apr 2024 12:32 PM (IST)Updated: Sat, 06 Apr 2024 12:32 PM (IST) डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar News: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने कैंसर होने का खुलासा करके कई लोगों को चौंका दिया था। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था कि वह 6 महीने से कैंसर से जूझ रहे हैं। वह अब लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए योगदान नहीं दे पाएंगे। सुशील मोदी के एलान से पूरा सियासी जगत स्तब्ध रह गया था। loksabha election banner लालू से लेकर नीतीश कुमार ने संवेदना व्यक्त की थी। लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप तो उनके आवास पर मिलने तक पहुंच गए और उनका हालचाल जाना। वहीं लालू यादव ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए पुरानी यादें ताजा की। तो आइए आज ऐसे ही कुछ नेताओं का नाम जानेंगे जिन्होंने कैंसर से जिंदगी हार गए और वैसे नेताओं के नाम भी जानेंगे जिन्होंने कैंसर जैसी भयानक बीमारी से जंग जीत ली। अनंत कुमार (Anant Kumar) भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का 12 नवंबर, 2018 को 59 साल की आयु में कैंसर से लड़ते हुए बेंगलुरु में निधन हो गया था। अनंत कुमार बेंगलुरु के एक अस्पताल में फेफड़े के कैंसर का इलाज करा रहे थे और इससे पहले वह अमेरिका और ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद भारत लौटे थे। कुमार बेंगलुरु दक्षिण संसदीय क्षेत्र से 6 बार सांसद रहे थे और मई 2014 से वह केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली थी। शरद पवार (Sharad Pawar) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) कैंसर से जंग लड़ चुके हैं। शरद पवार को 1999 में मुंह के कैंसर के बारे में पता चला था और वो सबम्यूकोस फाइब्रोसिस से पीड़ित थे इलाज के लिए पवार न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर गए और वहां उनकी सर्जरी की गई। 2004 में उस सर्जरी से उनका कैंसर सही हो गया लेकिन अभी भी उन्हें बोलने में परेशानी होती है। यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और TMC के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी कैंसर से लड़ाई लड़ चुके हैं। उन्हें 2006 में लिम्फोमा का पता चला था लेकिन उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में किसी को पता चलने दिया। यशवंत सिन्हा दिल्ली के एम्स और मुंबई के रहेजा अस्पताल में 6 कीमोथेरेपी से गुजरे और इसके बाद इस बीमारी को हरा दिया। कैंसर की शुरुआती स्टेज होने की वजह से उन्होंने जल्द ही रिकवर कर लिया। मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) पूर्व रक्षा मंत्री, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर का 17 मार्च, 2019 को कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया था। बता दें कि पेनक्रिएटिक कैंसर एक जानलेवा कैंसर है जिससे बचने की संभावना बहुत कम होती है। फरवरी 2018 में उन्हें इस बीमारी का पता चला था और उन्होंने इसके इलाज के लिए कई अस्पतालों के चक्कर लगाए थे लेकिन दुर्भाग्य से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वीपी सिंह पूर्व प्रधानमंत्री (VP Singh) भारत के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का 27 नवंबर, 2008 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल (Apollo Hospital) में 77 वर्ष की आयु में कैंसर से जंग लड़ते हुए निधन हो गया था। वीपी सिंह मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित थे, जो एक प्रकार का कैंसर का रूप है। वीपी सिंह को इस जानलेवा बीमारी के बारे में 1998 में पता चला था। वीपी सिंह 2 दिसंबर, 1989 से 10 नवंबर, 1990 तक लगभग 11 महीनों तक प्रधानमंत्री रहे। यह भी पढ़ें Bihar Politics: ‘ क्या आपका पूरा परिवार राजनीति छोड़ देगा यदि…’, नित्यानंद राय ने लालू यादव के सामने रख दी शर्त Bihar Politics: ‘ 5 लोग मुंह लपलपाए हुए है…’, अब जीतन राम मांझी क्यों हो गए नाराज?
Post Views: 718 पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने कैंसर होने का खुलासा करके कई लोगों को चौंका दिया था। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था कि वह 6 महीने से कैंसर से जूझ रहे हैं। वह अब लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए […]
Kanpur: मां ने CM से लगाई बेटे की मौत की वजह जानने की गुहार, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
Post Views: 1,033 कानपुर, । बिठूर थाना क्षेत्र के नारामऊ में सोमवार को भारी पुलिस बल के बीच वसीम मोहम्मद का शव को नारामऊ कब्रिस्तान से कब्र से शव को निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया बेटे के शव निकालते देख स्वजन फूट फूट कर रोने लगे। मां रोशन जहां ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत […]
UP : भाजपा सांसद संघमित्रा पर पडरौना में समाजवादी पार्टी के लिए वोट मांगने का आरोप
Post Views: 904 कुशीनगर, । बदायूं से भाजपा सांसद संघ मित्रा द्वारा रविवार की रात लगभग फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र में सपा प्रत्याशी पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए वोट मांगने के आरोप के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया। भाजपा के जिला महामंत्री संतोष दत्त राय ने कहा कि इस प्रकरण से शीर्ष नेतृत्व को […]




