Post Views: 866 आनन्दशंकर मिश्र वैश्विक महामारीकी चपेटमें आनेवाले देश-दुनिया अब यह महसूस कर रहे हैं कि मौजूदा महामारी आपसी प्रतिद्वंदिताका ही परिणाम है। एक-दूसरेको पछाडऩेकी होड़में एटमी, रसायनिक, जैविक हथियारोंके निर्माण, अनुसन्धान एवं परीक्षण एवं उपयोगसे उपजे विध्वंसकारी परिणाम आज समूची पृथ्वीके लिए जानलेवा साबित हो रही है। इसके पीछे पूरी तरहसे नाभिकीय पर्यावरणको […]
Post Views: 1,035 डा. गौरीशंकर राजहंस पूरे देशमें २५ दिनमें प्रतिदिन बीस हजारसे बढ़कर कोरोनाके रोगी एक लाख प्रतिदिन हो गये हैं और प्रतिदिन नये मामलोंमें कोई कमी नहीं हो रही है, बल्कि बढ़ते ही जा रहे हैं। सबसे खराब हालत महाराष्ट्रकी है जहां मुम्बई जैसे महानगरमें एक तरहसे सीमित लाकडाउन लगा दिया गया है। […]
Post Views: 882 डा. एस. एन मिश्र कोरोनाकी दूसरी लहरमें जहां टीकाकरणकी जरूरत ज्यादा महसूस की जा रही है वहीं भारतके टीकाकरण सिस्टमपर भी खूब आलोचनाके घेरेमें है। भारतके टीकाकरण प्रोग्रामके बारेमें कई तरह भ्रांतियां फैल रही हैं। कुछ आधे-अधूरे सच हैं तो कुछ सफेद झूठ हैं। केंद्र सरकार पिछले सालके मध्यसे ही सभी प्रमुख […]