Post Views: 946 श्रीश्री रवि शंकर हर व्यक्ति जन्मसे अनूठा है, सभीमें कुछ विशेष ऐसा है जो हमें औरोंसे अलग करता है। यही विशेषताएं तय करती हैं कि हम कौन है और किस परिस्थितिमें किस तरह व्यवहार करेंगे। ज्यादातर समय हम अपनी उन विशेषताओंके प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं, जो हमें नुकसान पहुंचाती हैं […]
Post Views: 599 डा. गौरीशंकर राजहंस जब कोरोनाकी दूसरी लहरका प्रकोप अपने पूरे चरमपर था तब देशके कुछ अर्थशास्त्रियोंने ठीक ही कहा था कि जब कोरोनाकी दूसरी लहर समाप्त होगी तब भारतकी अर्थव्यवस्था छिन्न-भिन्न दिखेगी। पहलेकी तरह वह अपने पैरोंपर आसानीसे नहीं खड़ी हो सकेगी। इसका प्रमुख कारण यही होगा कि देशमें बेरोजगारीकी दर बहुत […]
Post Views: 1,080 सुखी भारती भगवान श्रीरामजी स्नेह देखकर हनुमानजीके हृदयमें हर्ष एवं उल्लासकी लहर दौड़ पड़ी। हनुमानजीको भी लग रहा था मानो श्रीराम जीने उन्हें गोदमें उठा लिया हो। हनुमानजीने भी देखा कि आज प्रभु भी एक पिता समान मेरे अनुकूल हैं- देखि पवनसुत पति अनुकूला। हृदयं हरष बीती सब सूला॥ प्रभु अनुकूल हों […]