Post Views: 1,017 ओशो तिलक हमारी तीसरी आंखका बिंदु है, वह हमारे संकल्पका भी बिंदु है। उसको योगमें आज्ञाचक्र कहते हैं। हमारे जीवनमें जो कुछ भी अनुशासन है वह उसी आज्ञाचक्रसे पैदा होता है। दोनों आंखोंके बीचमें जो तीसरा नेत्र है वही जगह आज्ञाचक्रकी है। इस आज्ञाके संबंधमें थोड़ी बात समझ लेनी जरूरी है। जिन […]
Post Views: 535 जग्गी वासुदेव कर्म बंधनका मतलब है कुछ किया जाना या किये जानेकी छाप, जो हमारे अंदर रहती है। आपके पिताने जो काम किये वे आपके अंदर न सिर्फ आपकी परिस्थितियोंमें काम कर रहे हैं, बल्कि आपकी हर कोशिकामें हैं। आपने देखा होगा कि जब आप १८ या २० सालके थे तो आपने […]
Post Views: 941 बंगाल चुनावको लेकर तृणमूल कांगे्रस और भाजपाने पूरी तरहसे कमर कस लिया है। यही वजह रहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोसकी १२५वीं जयन्तीपर प्रधान मंत्री मोदीसे लेकर पश्चिम बंगालकी मुख्य मंत्री ममता बनर्जीने श्रद्धांजलि अर्पित कर राजनीतिक शक्तिका जिस प्रकार सिंहनाद किया, वह सोचनेपर विवश करता है। ममता बनर्जीने जहां नौ किलोमीटर […]