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सीएम नीतीश कुमार की नई यात्रा में छिपे हैं कुछ और भी संदेश


पटना, । कोई भी समाज पूरी तरह परिपक्व नहीं हो जाता। सुधार के लिए समय-समय पर प्रयास करने जरूरी होते हैं। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे समझा और निकले हुए हैं समाज में सुधार लाने के लिए। वह एक ऐसा समाज बनाना चाहते हैं जो शराब को हाथ न लगाए, दहेज न ले और बाल विवाह को प्रोत्साहित न करे। अपनी यात्राओं के लिए चर्चित नीतीश इस बार इसी संदेश के साथ फिर यात्र पर निकले हैं। उनका मानना है कि इन कुरीतियों को दूर किए बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। नीतीश कुमार जब-तब यात्राओं पर निकलते रहते हैं। वैसे तो 13वीं, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में 16 वर्ष की जीवन यात्रा में यह उनकी 12वीं यात्रा है। बुधवार को यह यात्रा मोतिहारी के गांधी मैदान से शुरू हुई। अब तक की सभी यात्राएं किसी न किसी उद्देश्य को लेकर की गईं।

समाज सुधार यात्रा के 12 पड़ाव

इस समय शराबबंदी और उसके औचित्य को लेकर बिहार में बहस जारी है। शासन-प्रशासन शराब सेवन और उसके अवैध व्यापार को रोकने के लिए हर प्रयास कर रहा है। सूचनातंत्र मजबूत करने के लिए आम जनता को भी जोड़ा जा रहा है। लेकिन लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के पनपे इस अवैध कारोबार की जड़ें फिलहाल कटती नहीं दिखाई दे रहीं। इस पर रोकथाम में मुश्किल देख यह रणनीति बनाई गई कि पीने वालों पर यदि शिकंजा कस दिया जाए तो बेचने वाले टूट जाएंगे। अब इसी के तहत कार्रवाई जारी है, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे पर्याप्त न समझते हुए आम जनता से सीधा संवाद जरूरी समझा और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से तमाम जिलों की यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा 15 जनवरी तक चलेगी जिसके 12 पड़ाव होंगे।