Post Views: 643 जग्गी वासुदेव यदि संयोगवश नेतृत्व कर रहे हैं और किसी योग्यता या बड़ी दूरदृष्टिकी वजहसे नहीं तो मुझे लगता है कि लोगोंके लिए आपके नेतृत्वके बिना रहना ही बेहतर होगा। एक मूर्ख व्यक्ति नेता हो, इससे ज्यादा अच्छा तो ये होगा कि लोगोंका कोई नेता ही न हो। ये थोड़ा-सा अराजक हो […]
Post Views: 711 प्रचीन समयसे भारत देशकी भूमिका अधिकांश हिस्सा उन्नत एवं उपजाऊ था। बावजूद इसके जब किसानों द्वारा अधिक फसल उत्पादनके लिए रासायनिक उर्वरकोंका अधिकाधिक प्रयोग किया जाने लगा तो फसल उत्पादन तो बढ़ गया, किन्तु मृदा अनुपाजाऊ होकर बंजर भूमिमें बदलने लगी है। अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजनाके तहत नियत स्थानपर ५० वर्षोंकी […]
Post Views: 1,046 संजय राय कोरोना महामारीके बाद बदले हालातमें चीनने दुनियाकी महाशक्ति बननेके अपने सपनेको परवान चढ़ानेके प्रयास तेज कर दिये हैं। इस प्रयासमें वह भारत और पड़ोसी देशोंके साथ अमेरिकाको धौंस-पट्टी दिखा रहा है। इन दिनों चीन भारत-अमेरिका-जापान और ऑस्ट्रेलियाके बीच बने चतर्भुज सुरक्षा वार्ता समूह (क्वाड) को लेकर बयानबाजी और चेतावनी देनेमें […]