Post Views: 636 आर.के. सिन्हा प्रमुख अमेरिकी बैंक सिटी बैंकका भारतमें अपना कारोबार समेटनेका फैसला कुछ गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिरकार क्यों विदेशी बैंकोंके भारतमें पैर उखड़ रहे हैं। इनके लिए भारत क्यों कठिन काम करनेका स्थान साबित हो रहा है कारोबार करनेके लिहाजसे। सिटी बैंकने कहा कि ग्लोबल स्ट्रैटजीके हिस्सेके रूपमें वह […]
Post Views: 655 आर.के. सिन्हा नयी टेक्नोलॉजी इस बातकी सुविधा देती है कि आप घर बैठकर अपने दफ्तरके साथियों और सहयोगियोंके नियमित वीडियो कॉल कर साथ बातचीत भी कर सकते हैं। परन्तु लगता यह है कि वे दफ्तर तो अब भी पहलेकी तरहसे चलेंगे जहां पब्लिक डीलिंग होती है। उदाहरणके रूपमें बैंक, यातायातके लाइसेंस जारी […]
Post Views: 1,258 श्यामसुन्दर मिश्र हमारे नीति-नियंता एवं देशके कर्णधारोंने देशके बैंकिंग एवं औद्योगिक क्षेत्रोंमें उल्लेखनीय प्रगति करते हुए यह मान लिया है कि देश शीघ्र ही विश्वकी आर्थिक महाशक्तियोंमें शुमार हो जायगा। किन्तु विचारणीय है कि क्या आर्थिक प्रगतिसे ही आम जनताको सुख-शान्ति एवं सुरक्षा मिल जाती है। कटु सत्य है कि जबतक आम […]