पटना

रूपौली: बन्ध्याकरण के कुछ घंटे बाद महिला की मौत


परिजनों ने शव के साथ काटा बबाल

रूपौली (पूर्णिया)(आससे)। प्रखंड मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल रूपौली में महिला बंध्याकरण शिविर का आयोजन शुक्रवार को किया गया। जिसमें कुल 39 महिलाओं का परिवार नियोजन के तहत बन्ध्याकरण एनजीओ के माध्यम से डॉ.जे.पी.पाण्डेय के हाथों किया गया था। नसबंदी के कुछ घंटे बाद ही होश में आने पर महिला को पेट दर्द की शिकायत आने लगी। जिसकी तत्काल सूचना परिजनों ने चिकित्सा पदाधिकारी को की। किन्तु उपस्थित चिकित्सक के द्वारा टालमटोल का रवैया अपनाया गया। जहाँ चार बच्चे की मां स्थानीय रूपौली गांव निवासी 26 वर्षीया चांदनी खातून की मौत हो गई। जिससे साफ जाहिर होता है कि चिकित्सक की लापरवाही ने चार बच्चों के सिर से मां की ममता को छीन लिया।

मृतका चांदनी खातून की मौत की खबर सुनते ही परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने शव को आपातकाल सेवा केंद्र पर रख अस्पताल प्रशासन के प्रति जमकर बबाल काटा। स्थिति की भयावहता को देखते हुए अस्पताल के सभी स्वास्थ्य कर्मी जहाँ अस्पताल छोड़ फरार हो गए, वहीं रूपौली थाना को घटना की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही रूपौली पुलिस थानाध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में अस्पताल पहुंच स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास किया। जबकि आपात स्थिति से निपटने के लिए टीकापट्टी और भवानीपुर पुलिस को भी घटनास्थल रेफरल अस्पताल रूपौली बुला लिया।

जहाँ टीकापट्टी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और भवानीपुर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार मंडल सदलबल पहुंच कैम्प कर रहे थे।जबकि घटना की सूचना पाकर जिला परिषद अध्यक्ष क्रांति देवी, प्रखंड प्रमुख रेखा देवी, जिप सदस्य सोनी कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी परशुराम सिंह, अंचलाधिकारी राजेश कुमार, मुखिया राकेश कुमार उर्फ सिट्टू यादव, पूर्व जिप सदस्य दिलीप कुमार जायसवाल उर्फ ध्रुव जायसवाल, पूर्व प्रमुख खुशेन्द्र निराला आदि गणमान्य व्यक्ति अस्पताल पहुंच पीड़ित परिवार से मिल सांत्वना देते हुए अस्पताल प्रशासन को दोषी करार दिया। जबकि मौके पर जिप अध्यक्ष क्रांति देवी ने उच्चाधिकारियों से बात कर यथाशीघ्र कार्यवाही करने की पहल की।

मृतका चांदनी खातून के परिजनों ने बताया कि चांदनी को छः माह की दुधमुंही बच्ची चाहत खातून, सोनम खातून, सहजिदा खातून और एक दस वर्षीय ज्येष्ठ पुत्र मोहम्मद इबरान है। एक ओर बच्चे के सिर से मां का साया उठ गया। वहीं दुधमुंही बच्ची की परवरिश की चिन्ता हर पहुंचने वाले की मुंह से निकल रही थी। परिजनों के चित्कार से अस्पताल परिसर का माहौल जहाँ रह रह कर  गमगीन हो रहा था। वहीं लोगों का आक्रोश अस्पताल प्रबंधन पर और गहराता जा रहा था।

विधायक बीमा भारती ने की संवेदना व्यक्त :

चांदनी खातून की बंध्याकरण के बाद हुई मौत पर रुपौली विधायक बीमा भारती ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि  मौत के जिम्मेदार चिकित्सक पर कार्रवाई होगी। लापरवाह चिकित्सा पदाधिकारी किसी भी कीमत में बख्शे नहीं जाएंगे। मौत घटना को विधानसभा में भी उठाया जाएगा। रेफरल अस्पताल रुपौली चिकित्सा प्रबंधन की शिकायत लगातार मिल रही है। वहीं लापरवाही के कारण हुए मौत मामले को लेकर जिला पदाधिकारी और सिविल सर्जन पूर्णिया से  बात कर गुनाहगार चिकित्सक को दण्डित किया जाएगा।

आपातकाल और ओपीडी सेवा घंटों रहा बाधित

शुक्रवार की शाम महिला बंध्याकरण के बाद देर रात 26 वर्षीया महिला चांदनी देवी की मौत अहले सुबह हो जाने के बाद चिकित्सक  के फरार हो जाने के कारण  रेफरल अस्पताल रुपौली में शनिवार को आपातकाल सेवा के साथ साथ ओपीडी सेवा भी लगभग चार घंटो तक बाधित रही। ओपीडी में स्वास्थ्य लाभ करने पहुंचे मरीज को देर इंतजार बाद बैरंग वापस घर जाना पड़ा। वहीं आपात कालीन सेवा में इलाज कराने आये मारपीट में जख्मी हुए धूसर गांव के विदुर कुमार ठाकुर डॉक्टर का इंतजार करते-करते परिजनों के सहयोग से दूसरी जगह के लिए प्रस्थान कर गए।

उच्चाधिकारियों के आने की मांग पर घंटों पड़ा रहा शव

26 वर्षीय महिला चांदनी खातून की मौत होने के बाद परिजन शव को अस्पताल से बाहर नहीं ले जा रहे थे। मृतका के परिजनों का कहना था किजब तक वरीय अधिकारी अस्पताल आ कर दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत  कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा जब तक की नही दिलाते हैं तब तक शव को अस्पताल से बाहर नहीं ले जाएंगे। वहीं रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार को अविलंब हटाने की मांग  परिजन कर रहे थे। वहीं सूचना पर अस्पताल पहुंची जिप अध्यक्ष क्रांति देवी ,बीडीओ परशुराम सिंह, सीओ राजेश कुमार, टीकापट्टी, रुपौली और भवानीपुर थाना अध्यक्ष पीड़ित परिजन को समझाने बुझाने में लगे हुए थे।

अंततः प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ई नीरज कुमार ने  रुपौली थाना अध्यक्ष को लिखित सूचना दी जिसमे कहा गया  हैं कि चांदनी खातून 12 मार्च को महिला बंध्याकरण करवाने हेतु अस्पताल आयी जिसका बंध्याकरण एनजीओ के द्वारा किया गया। रात लगभग 3:00 बजे अचानक चांदनी खातून सीरियस हो गई। इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई।

इसके बाद अस्पताल की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र भी निर्गत किया गया। इन सारी प्रक्रिया के बाद परिजन मृतका के शव को घर लेकर गए।