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Pakistan Flood: पाकिस्तान में बाढ़ का प्रकोप, मृतकों की संख्या पहुंची 1,200 के करीब


इस्लामाबाद । पाकिस्तान में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,200 के करीब पहुंच गई है। बता दें कि बाढ़ के कारण पिछले 24 घंटों में 19 और लोगों की जान चली गई है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) के बयान का हवाला देते हुए जियो न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि बारिश और बाढ़ के कारण 14 जून से अब तक कम से कम 1,186 लोगों की मौत हो चुकी है।

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सिंध में 12, खैबर पख्तूनख्वा में 4 और बलूचिस्तान में 3 लोगों की मृत्यु हुई है। मृतकों में 9 बच्चे भी शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (disaster management authority) ने कहा कि देश भर में बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 256 लोग घायल हुए हैं। अचानक आई बाढ़ ने देश के 80 जिलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

एनडीएमए की रिपोर्ट में कहा गया है कि 14 जून से बलूचिस्तान में कम से कम 256, केपी में 268, पंजाब में 188, गिलगित-बाल्टिस्तान में 22 लोगों की मौत हुई है।

पाकिस्तान में इस साल की भारी मानसूनी बारिश से 33 मिलियन लोग जिसमें लगभग 16 मिलियन बच्चे भी शामिल हैं ये सभी प्रभावित हुए हैं।

डब्ल्यूएचओ (WHO) ने एक रिपोर्ट में कहा, पाकिस्तान में जुलाई 2022 के मध्य में शुरू हुई भारी मानसूनी बारिश देश के कई हिस्सों में जारी है और इसने पाकिस्तान के 154 जिलों में से 116 जिलों (75 प्रतिशत) को प्रभावित किया है। वहीं, बाढ़ के कारण सबसे अधिक प्रभावित प्रांत सिंध है, उसके बाद बलूचिस्तान है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा, 25 अगस्त 2022 तक 33+ मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं। 6.4+ मिलियन लोगों को मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है, जिसमें 421,000 शरणार्थी शामिल हैं। एक हजार से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 15000 लोग घायल हुए हैं।

डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, अभूतपूर्व बाढ़ की स्थिति (unprecedented flood situation) के कारण देश में स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

डब्ल्यूएचओ (WHO) ने कहा, 28 अगस्त, 2022 तक, देश में 888 स्वास्थ्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिनमें से 180 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और आवश्यक दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति तक पहुंचना अभी भी मुख्य स्वास्थ्य चुनौतियां बनी हुई हैं।

वैश्विक स्वास्थ्य निकाय (global health body) ने कहा कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही COVID-19 सहित कई समवर्ती स्वास्थ्य खतरों और हैजा, टाइफाइड, खसरा, लीशमैनियासिस और एचआईवी के प्रकोप से जूझ रही है।

वर्तमान बाढ़ से पहले भी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में काफी असमानता थी। वर्तमान स्थिति से रोग के फैलने में अत्यधिक वृद्धि होने की संभावना है, खासकर यदि प्रतिक्रिया क्षमता बाधित होती है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) ने कहा कि मंगलवार को, ‘2022 पाकिस्तान बाढ़ प्रतिक्रिया योजना (FRP)’ को पाकिस्तान सरकार और संयुक्त राष्ट्र द्वारा संयुक्त रूप से इस्लामाबाद और जिनेवा में लान्च किया गया था।

OCHA ने एक बयान में कहा, FRP को विनाशकारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए लान्च किया जा रहा है, जिसने पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में 33 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित किया है।