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UKPSC : पहली बार मिली जिम्मेदारी और कर दिया पेपर लीक, संपत्ति का पता लगाने में जुटी एसटीएफ


देहरादून: : लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपित संजीव चतुर्वेदी के अनुभाग को लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी गई। आरोपित ने पहली बार ही पेपर लीक करवा दिया। अब एसटीएफ संजीव की संपत्ति का ब्योरा जुटाने में लग गई है। एक टीम उसके गांव उत्तर प्रदेश के बलिया भी भेजी गई है।

एसटीएफ के अनुसार, आरोपित संजीव चतुर्वेदी ने वर्ष 2003 में पहली बार राज्य लोक सेवा आयोग में तैनात हुआ था। अब तक उसे कोई बड़ी जिम्मेदारी तो नहीं दी गई थी, लेकिन अधिकारियों के साथ रहकर उसने पेपर के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर दी थी। वर्ष 2018 में आयोग की ओर से अनुभाग अधिकारी की बड़ी जिम्मेदारी दी गई और वह अति गोपनीय अनुभाग में काम करने लगा।

संजीव चतुर्वेदी को पेपर सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी गई

राज्य लोक सेवा आयोग के अंदर छह अति गोपनीय अनुभाग हैं, जहां पर पेपर के सेट तैयार किए जाते हैं। सभी अनुभागों को क्रमवार इसकी जिम्मेदारी मिलती है। पहली बार संजीव चतुर्वेदी को लेखपाल परीक्षा का पेपर सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी गई।

इसका जिक्र उसने पत्नी रितु से किया तो रितु ने रातों-रात अमीर बनने के सपने बुन लिए और मोबाइल पर पेपर की फोटो खींचकर लाने का दबाव बनाया। संजीव ड्यूटी के समय अति गोपनीय अनुभाग से पेपर की फोटो खींचकर लाया तो रितु ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर पेपर लीक कर दिया।

काफी संपत्ति बनाने की आशंका

आरोपित संजीव चतुर्वेदी के पास काफी संपत्ति होने की आशंका है। इसके लिए आरोपित के बैंक खाते व लाकर खंगाले जा रहे हैं। आरोपित के पैतृक घर बलिया में भी संपत्ति का आकलन करने के लिए एसटीएफ की एक टीम भेजी गई है। इसके अलावा आरोपित का इस दौरान किस-किसके साथ संपर्क था, इसके लिए उसकी काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। वहीं, पुरानी भर्तियों में आरोपित का कोई हाथ तो नहीं था, इसकी भी जांच की जा रही है।

अब तक हुई जांच में यह सामने आया है कि आरोपित संजीव चतुर्वेदी को पहली बार अति गोपनीय अनुभाग में पेपर की जिम्मेदारी मिली थी। पूर्व में हुई परीक्षाओं में अब तक उसका हाथ सामने नहीं आया है। फिर भी मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपित का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। पेपर आउट हुआ कितने अभ्यर्थियों तक पहुंचा इसकी जांच की जा रही है।

– आयुष अग्रवाल, एसएसपी एसटीएफ