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Uttarakhand: इस गरीब मजदूर के जज्‍बे को सलाम, खेत बेचकर सरकारी स्‍कूल को रुपए किए दान


बागेश्वर: गरीबी के कारण खुद पढ़ नहीं सके, लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए ईश्वरी लाल साह का ऐसा जुनून है कि उन्होंने अपना खेत ही बेच दिया। उन्‍होंने ढाई लाख रुपये राजकीय जूनियर हाईस्कूल करुली को दान में दे दिए। इंटरनेट मीडिया पर उनकी चर्चा हो रही है।

पढ़े-लिखे नहीं हैं ईश्वरी लाल साह

ईश्वरी लाल साह भेड़-बकरियां पालकर और मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। दान में मिली धनराशि से स्कूल की चहारदीवारी और खेल मैदान बन सकेगा। उनकी बेटी भी इसी विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ती है।

जिला मुख्यालय से लगभग आठ किमी दूर करुली गांव के ईश्वरी लाल साह पढ़े-लिखे नहीं हैं। बकरी चराते हैं और मजदूरी भी करते हैं। उनकी बकरियां जूनियर हाईस्कूल करुली की तरफ आ जाती हैं।

बकरियां चहारदीवारी नहीं होने से विद्यालय के भीतर भी घुस जाती हैं। ऐसे ही अन्य ग्रामीणों की बकरियां और अन्य जानवर विद्यालय के बगीचे आदि को नुकसान पहुंचाते हैं। विद्यालय में खेल मैदान भी उबड़-खाबड़ है और उसी में बच्चे खेलते हैं।

उनसे यह देखा नहीं गया और खेत बेचकर ढाई लाख रुपये जुटाए। जिसे विद्यालय में खेल मैदान और चहारदीवारी के लिए दान में दे दिए।

बच्चों को मिलें सभी सुविधाएं

58 वर्षीय ईश्वरी लाल ने बताया कि उनकी बेटी सीमा सातवीं की छात्रा है। बच्चों को खेलते हुए वह देखते हैं तो अपने बचपन में चले जाते हैं। गरीबी के कारण वह पढ़ नहीं सके। लेकिन आज बच्चे पढ़ रहे हैं।

बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता भी है। उनसे देश और दुनिया के बारे में जानकारी भी मिलती है। ऐसे में उन्हें अधिक सुविधाएं मिलनी चाहिए।

ईश्वरी लाल साह की यह मदद स्कूल के लिए नजीर बनेगी। स्कूल में चल रहे विकास कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी साह को ही दी है, ताकि राशि का सदुपयोग हो सके।

– नरेंद्र गिरी गोस्वामी, प्रधानाध्यापक

ईश्वरी लाल साह ने सराहनीय कार्य किया है। इससे पूर्व पुरातन छात्र ने भी अमस्यारी विद्यालय के विकास कार्य के लिए मदद की थी। उम्मीद है भविष्य में अन्य लोग भी ऐसे ही नेक कार्य के लिए आगे आएंगे।

– जीएस सौन, मुख्य शिक्षाधिकारी