सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे इस चुनाव में सपा को निराशाजनक सीटें मिली है। इसपर शीर्ष नेतृत्व नाराज है। रिपोर्ट मिलने के बाद दगाबाजी करने वालों पर कार्रवाई होनी की संभावना है। दूसरी तरफ संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की भी रणनीति बनाई गयी है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने आधे ज्यादा सीटों पर अपनी जीत तय मान रखी थी। लेकिन जिला स्तर से प्रबंधन फेल होने के कारण उन्हें महज पांच सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है।
सपा के सूत्र बताते हैं कि 2022 के चुनाव से पहले संगठन की ओरवरहालिंग किए जाने की संभावना बन रही है। सक्रिय टिकाऊ लोगों को जिम्मेदारी देने की योजना पर भी काम हो रहा है।





