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आत्मज्ञानकी प्राप्ति
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 397 जग्गी वासुदेव आत्मज्ञान प्राप्त होनेका अर्थ यह नहीं है कि यह कूदकर किसी लक्ष्यको प्राप्त कर लेने जैसा नहीं है अथवा किसी पर्वतके शिखरपर पहुंच जाने जैसा भी नहीं है। यह तो सिर्फ स्वको जान लेना ही है। जब उस सत्यको जान लेते हैं जो पहलेसे ही वहां है तो हम इसे […]
महामृत्युंजय मंत्र
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 639 सदानन्द शास्त्री महामृत्युंजय मंत्रको लंबी उम्र और अच्छी सेहतका मंत्र कहते हैं। शास्त्रोंमें इसे महामंत्र कहा गया है। इस मंत्रके जपसे व्यक्ति निरोगी रहता है। महामृत्युंजय मंत्रकी उत्पत्तिके बारेमें पौराणिक कथा प्रचलित है। कथाके अनुसार, शिव भक्त ऋषि मृकण्डुने संतानप्राप्तिके लिए भगवान शिवकी कठोर तपस्या की। तपस्यासे प्रसन्न होकर भगवान शिवने ऋषि […]
भावी पीढ़ीको युगानुरूप शिक्षाकी आवश्यकता
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 638 आनन्द सिन्धदूत शिक्षा व्यवस्थामें पाठ्यक्रम सम्बन्धी बदलाव जितना पिछले सौ-सवा सौ वर्षोंमें भारतमें हुआ उतना पहले कभी नहीं हुआ था। शायद इसका कारण ज्ञानके स्रोतोंमें विकासकी तेजी थी। विज्ञान, कला, व्यवसाय किसी भी क्षेत्रमें पिछली शताब्दियां अनुसन्धान और वैचारिक स्थापनाओंके लिए विशेष रूपसे जानी जायंगी। इन सूचनाओं और स्थापनाओंको पाठ्यक्रममें शामिल कर […]