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उपचुनाव से पहले सीएम गहलोत का ‘मास्टरस्ट्रोक’, सवर्णों और महिलाओं को साधने की कोशिश


जयपुर: राजस्थान में उपचुनाव की सरगर्मियां जोरों पर है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां उपचुनाव में अपना पूरा दमखम झोंक रही है। जहां बीजेपी उपचुनाव में कांग्रेस को धूल चटाने के लिए मैदान में जी-जान से जुटी हुई है। वहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस उपचुनाव में कोई भी कसर छोड़ना नहीं चाहती। इसकी मद्देनजर कांग्रेस की गहलोत सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को आरक्षण के दायरे में लाने की घोषणा करते हुए उम्र में राहत देने के साथ सरकारी नौकरियों में आवेदन की फीस की भी छूट का बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है।

हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण की शुरुआत की, लेकिन गहलोत ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण की पात्रता में 8 लाख रुपये प्रति वर्ष की आय सीमा बढ़ाकर और वार्षिक आय के दायरे से अचल संपत्तियों को हटाकर बड़ा दाव खेला है। इस फैसले से उस तबके की बड़ी आबादी को आरक्षण का पात्र बना दिया, जो ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों की आय का आकलन करने पर इस आरक्षण से वंचित थे।

महिलाओं के लिए बैक टू वर्क योजना

इसके अलावा गहलोत सरकार ने महिलाओं के लिए बैक टू वर्क योजना की भी घोषणा की है। इस योजना के तहत जिन महिलाओं को शादी या कुछ अन्य कारणों से नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, उन्हें नौकरी पर वापस आने का मौका दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक ऐसी 15000 महिलाओं को अगले तीन वर्षों में काम पर वापस लाया जाएगा।

7 अप्रैल को उपचुनाव के लिए मतदान

दरअसल, राजस्थान में विधानसभा की 4 सीटें खाली हुई है, जिनमें से 3 सीटों पर चुनाव की घोषणा की गई है। यहां 17 अप्रैल को वोटिंग होगी, जिसकी काउंटिंग 2 मई की जाएगी। सहाड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद सीट पर उपचुनाव होगा, हालांकि अभी वल्लभनगर में उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई है। इन 4 सीटों में से तीन सीटें कांग्रेस और एक भाजपा के पास थीं।

विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल उपचुनाव

कांग्रेस ऐसा कोई मौका नहीं खोना चाहती, जिससे सरकार का नेगेटिव फीडबैक जनता के बीच जाए। वहीं गहलोत सरकार इस उपचुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चल रही है। क्योंकि दो साल बाद फिर से राजस्थान में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में गहलोत सरकार कल्याणकारी योजनाओं के दम पर चुनाव में फतह हासिल करना चाहती है। वहीं कांग्रेस EWS आरक्षण में बड़ा बदलाव करते हुए सवर्ण वर्ग के साथ महिलाओं को भी साधने की कोशिश की गई है।