चंदौली

चंदौली। खेतों में उड़ रहे धूल, किसान चितिंत


अलीनगर। आषाढ़ मास में खेतों में उड़ रहे धूल किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यही नहीं धान की नर्सरी भी इसी तीखी धूप में पीले पडऩे लगी है। तीखी धूप में नर्सरी भी सूख जाने की चिंता किसानों के माथे पर साफ दिखने लगी है। आषाढ़ मास दो.तीन दिन मात्र बाकी है। इस स्थिति में किसानों के धान की रोपाई अषाढ़ व आधा श्रावण मास रोपाई का मुख्य समय किसानों द्वारा माना जाता है। लेकिन यह समय भी चंद दिन बचा है। इस स्थिति में किसानों को धान की नर्सरी बचाना ही चुनौती बन चुकी है। बसनी गांव के किसान का मानना है कि भगवान के साथ.साथ अधिकारी भी किसानों से रूठे हुए हैं। जिससे किसानों के खेतों में पड़ी धान की नर्सरी भी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। टडिया उर्फ कैथापुर गांव निवासी राजकुमार पप्पू ने बताया कि धान के कटोरा में पानी का अभाव किसानों को सताना बहुत बड़ी बात है। नहरों का जाल फिर भी अकाल साबित हो रही है जनपद की गंगा नहर। जीवनपुर गांव निवासी कुंज बिहारी सिंह ने बताया कि आषाढ़ मास पूरा बीतने के बाद भी बरसात नहीं होना किसानों के ऊपर संकट मंडरा रहा है। रूपेठा गांव निवासी राकेश यादव ने बताया कि नहरें खुदाई के अभाव में टेल तक पानी पहुंचाने में विवश दिख रही है। ऊपर से भगवान का रूठना किसानों के लिए कहीं न कहीं सशंकित करने का काम कर रहा है।