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देवघर के मंजूनाथ भजंत्री बने देश के सर्वश्रेष्‍ठ उपायुक्‍त, एक्सीलेंस इन गर्वनेंस अवार्ड से सम्मानित


देवघर। देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को मंगलवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने एक्सीलेंस इन गर्वनेंस अवार्ड से सम्मानित किया है। राष्ट्रीय स्तर का यह अवार्ड देवघर मार्ट बनाकर देवघर के लघु एवं कुटीर उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की पहल के लिए दिया गया है। देवघर मार्ट की लांचिंग पिछले साल दिसंबर में हुई थी। देवघर मार्ट एक प्लेटफार्म है, जिसमें स्थानीय आर्टिजन के उत्पाद का क्रय-विक्रय आनलाइन हो रहा है। सम्‍मानित होने के बाद उपायुक्त को बधाइयां मिल रही हैं।

मंजूनाथ भजंत्री चुने गए देश के सर्वश्रेष्‍ठ उपायुक्‍त

उन्होंने कहा है कि देवघर वासियों के सहयोग से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम वर्ग के उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए यह अवार्ड मिला है। सबके सहयोग से बेहतर, स्वस्थ्य, स्वच्छ और सुंदर बनाने की कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक्सीलेंस इन गर्वनेंस अवार्ड एमएसएमई की श्रेणी में देश का सर्वश्रेष्ठ उपायुक्त चुने जाने पर दिया गया है। इसके लिए समस्त देवघरवासी को बधाई।

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अब धार्मिक नहीं, कुटीर उद्योग के लिए भी जाना जाएगा देवघर

देवघर की ख्याति अब तक धार्मिक स्थल के रूप में है। आने वाले समय में पूरी दुनियां में यहां के कुटीर उद्योग के उत्पाद का डंका बजने लगेगा। जिला प्रशासन ने एक बड़ी सोच के साथ ई-कामर्स मार्केट प्लेस देवघर मार्ट को पिछले साल लांच किया। देवघर मार्ट डाट काम वेबसाइट पर आप जाकर अपने पसंदीदा उत्पाद की बुकिंग कर सकते हैं। आनलाइन पेमेंट करने के बाद पसंद की हुई वस्तु गंतव्य तक पहुंच जाएगी।

पिछले साल हुई थी देवघर मार्ट की लॉन्चिंग

15 नवंबर 2021 को सूबे के कृषि मंत्री ने देवघर में इसकी लांचिंग की थी और पहला ग्राहक बनकर मां के लिए लहठी और बांस का बना सामान खरीदा था। उसके बाद अब तक तकरीबन एक लाख का कारोबार हो चुका है। इसमें मुंबई के ठाणे, सोलापुर से बांस से निर्मित घरेलू उपयोग में आने वाले सामान और बाबाधाम के मशहूर पेड़े की बुकिंग हुई है।

आत्मनिर्भर देवघर की पहल

देवघर आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए कुटीर उद्योग में लगे कारीगर को घर बैठे रोजगार और बाजार देने की मजबूत पहल की गयी है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने इसकी परिकल्पना की और हर हाथ को काम देने की यात्रा शुरू की। आने वाला कल देवघर के कारीगरों का होगा। इसमें बाबा नगरी के पेड़े से लेकर लोहे की कड़ाही और बांस के बने उत्पाद को राष्ट्रीय बाजार मिलेगा। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है। पचास से अधिक उत्पाद को देवघर मार्ट वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। उसकी कीमत दर्ज है। उस साइट पर जाकर अपने पसंदीदा उत्पाद को पसंद कर आर्डर किया जा सकता है।

बुकिंग से सामान घर पहुंचने तक का यह है प्रॉसेस

वेबसाइट पर जाते ही कैटेगरी सर्च करना होता है। उपलब्ध सामान को पसंद करें उसके सामने कीमत लिखा हुआ है। आनलाइन बुकिंग और पेमेंट का विकल्प है। जैसे ही उपभोक्‍ता के द्वारा उत्‍पाद का बुकिंग किया जाएगा, संबंधित वेंडर के पास सामान की बुकिंग का मेल चला जाएगा। वेंडर जब सामान की पैकेजिंग करता है तब वह वेबसाइट संचालक क्लाउड टेक कंपनी को मेल से सूचित करता है। इसकी सूचना कोरियर कंपनी को भेजी जाती है। कोरियर से आर्डर की डिलिवरी होते ही संबंधित वेंडर को कंपनी के एकाउंट से स्वत: पेमेंट चला जाता है।

कारीगरों को मिलेगा मेहनत का फल: उपायुक्‍त मंजूनाथ

इस बारे में देवघर के उपायुक्‍त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, देवघर मार्ट यहां के कुटीर उद्योग को राष्ट्रीय फलक पर एक नयी पहचान देगा। आत्मनिर्भर देवघर बनाने में यह मील का पत्थर साबित होगा। बांस का घरेलू उपयोग में आने वाला सामान, लोहे की कड़ाही, सखुआ का पत्तल, मिट्टी का कुल्हड़ या बर्तन बनाने के पेशा में जुटे कारीगरों को घर बैठे रोजगार मिलेगा और उनको उनकी मेहनत का उचित दाम भी मिलेगा।