पटना

पंचायत शिक्षकों की नियुक्ति को काउंसलिंग पर रोक


      • राज्य निर्वाचन आयोग ने नहीं दी अनुमति
      • 1368 नियोजन इकाइयों के 12,500 पदों के लिए चुनाव बाद ही काउंसलिंग

(आज शिक्षा प्रतिनिधि)

पटना। राज्य के 1338 पंचायत नियोजन इकाइयों में पंचायत शिक्षकों की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की अनुमति आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने शिक्षा विभाग को नहीं दी। इससे अब 1368 पंचायतीराज एवं नगर निकाय  नियोजन इकाइयों में तकरीबन 12,500 प्रारंभिक शिक्षक पदों के लिए काउंसलिंग आदर्श आचार संहिता की समाप्ति के बाद ही हो पायेगी।

आपको याद दिला दूं कि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की पहल पर राज्य में तकरीबन 94 हजार प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो चरण में काउंसलिंग हुई। पहले चरण में उन नियोजन इकाइयों के लिए काउंसलिंग हुई, जिनमें छूटे हुए दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन नहीं पड़े थे। दूसरे चरण में उन नियोजन इकाइयों के लिए काउंसलिंग हुई, जिनमें छूटे हुए दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन पड़े थे। पहले चरण की काउंसलिंग गत पांच जुलाई से शुरू होकर 12 जुलाई तक हुई। इससे इतर दूसरे चरण की काउंसलिंग गत दो अगस्त से शुरू होकर 13 अगस्त तक चली।

दो चरण की काउंसलिंग में ऐसी भी नियोजन इकाइयां हैं, जिसकी काउंसलिंग या तो स्थगित हुई या रद्द  हुई। ऐसे नियोजन इकाइयों की संख्या तकरीबन 1368 है। इनमें 1338 पंचायत नियोजन इकाइयां हैं, जबकि बाकी 30 नगर निकाय नियोजन इकाइयां हैं। इन 1368 नियोजन इकाइयों के तकरीबन 12,500 शिक्षक पदों के लिए काउंसलिंग होनी है। इसके लिए आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी थी।

इसके मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने उप सचिव के हस्ताक्षर से भेजे पत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशक से कहा है कि प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक द्वारा आयुक्त कार्यालय प्रकोष्ठ में विमर्श के क्रम में बताया गया कि नियोजन इकाई में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों-परामर्शी समिति के अध्यक्ष की प्रत्यक्ष भूमिका होती है। अत: आदर्श आचार संहिता के मार्गदर्शिका में अंकित निदेश के आलोक में ग्राम पंचायतों में नियोजन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की जा सकती है। हालांकि, आयोग ने नगरीय क्षेत्र में नियोजन प्रक्रिया प्रारंभ करने संबंधी प्रस्ताव एवं कोई अन्य वैकल्पिक सुझाव मांगा है।