Post Views: 811 देशमें कोरोना संक्रमणमें गिरावटकी प्रवृत्ति और संक्रमितोंसे अधिक स्वस्थ होनेवालोंकी संख्यामें वृद्धि निश्चित रूपसे बड़ी राहतका संकेत है लेकिन मृतकोंकी संख्यामें वृद्धि गम्भीर चिन्ताका विषय है। मंगलवारको ४०२५ मरीजोंकी मृत्युसे चिन्ताका बढऩा स्वाभाविक है। विश्व स्वास्थ्य संघटन (डब्लूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथनने भारतमें मृतकोंकी मौजूदा स्थितिका उल्लेख करते हुए यह भी […]
Post Views: 748 हृदयनारायण दीक्षित व्यक्ति असाधारण संरचना है। शरीर प्रत्यक्ष है। अंत:करण अप्रत्यक्ष है। हमारे कर्म तप भौतिक हैं। इनके प्रेरक तत्व हमारे भीतर हैं। इसकी वाह्य गतिविधि दिखाई पड़ती है। जब हर्ष, उल्लास दुख-सुखके भाव बाहर प्रकट होते हैं। भारतके मनीषियों एवं चिन्तकोंने अंत:करणके उल्लास-संवद्र्धनके लिए अनेक उपाय खोजे हैं। ईश्वरका आनन्ददाता कहा […]
Post Views: 858 हृदयनारायण दीक्षित होली जन-गण-मनका निरूद्देश्य खेल है। इसका कोई सुव्यवस्थित कर्मकाण्ड नहीं है। प्रकृति अपने उद्भवके समयसे उत्सवधर्मा है। सूर्य आनन्ददाता है। वह उगते समय ऊषा सुंदरी होते हैं। चन्द्रका उगना घटना और घटते-घटते अमावस्या हो जाना प्राकृतिक खेल है। चन्द्रका १५ दिनतक बड़ा होते जाना और पूर्णिमा होना है। वर्षा हेमंत, […]