Post Views: 852 डा. अजय खेमरिया वामपंथी विचारधारासे प्रभावित प्रोफेसर ज्योतिर्मय शर्माने अपनी पुस्तकमें दावा किया है कि विवेकानन्दका चिंतन अतिशय हिंदुत्वपर अबलंबित है जबकि उनके गुरु रामकृष्ण परमहंसके जीवनमें कहीं भी यह शब्द सुनायी नहीं देता है। लेखकने अपने विवेचनमें इस बातको लेकर भी विवेकानन्दकी आलोचनाके स्वर मुखर किये है कि उन्होंने हिन्दुत्वको वैश्विक […]
Post Views: 925 ओशो महावीरने कहा है जो तुम अपने लिए चाहते हो, वही दूसरोंके लिए भी चाहो और जो तुम अपने लिए नहीं चाहते, वह दूसरोंके लिए भी मत चाहो। तुम एक महल बनाना चाहते हो तो तुम चाहोगे कि दूसरा कोई एेसा महल न बना ले। यदि सभीके पास वैसे ही महल हों […]
Post Views: 787 डा. धनंजय सहाय कहते हैं वक्त सबको सिखा देता है परन्तु शायद यह बात कांग्रेसपर सटीक नहीं बैठती। एकके बाद एक चुनावोंमें मुंहकी खाने एवं सिकुड़ते जनाधारके बावजूद अंग्रेजोंके जमानेका सबसे पुराना भारतीय राजनीतिक दल मानो हम नहीं सुधरेंगेकी कसम खाकर बैठा है। अभी पिछले दिनों कांग्रेस कार्यसमितिकी बैठकमें अपने पूर्णकालिक अध्यक्षके […]