पटना

बिहारशरीफ सदर अस्पताल में एक हजार एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट का हुआ ट्रायल रन


भारत सरकार के सहयोग से लगाये गये प्लांट से ऑक्सीजन के मामले में सदर अस्पताल होगा आत्मनिर्भर

    • ट्रायल रन में बिजली विभाग की वायरिंग में कम क्षमता का तार दिये जाने का मामला आया सामने
    • जिलाधिकारी ने डीपीएम और विद्युत विभाग के अभियंता को दिया तार बदलने का निर्देश

बिहारशरीफ (आससे)। बिहारशरीफ सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल हो गया। इसके साथ ही आज इसका ट्रायल रन भी किया गया। बिजली विभाग की कुछ कमियों की ओर इंस्टॉलेशन टीम ने ध्यान इंगित कराया है, जिसे जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को इसका त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया है। इस ऑक्सीजन प्लांट के इंस्टॉलेशन के बाद बिहारशरीफ सदर अस्पताल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो जायेगा। बाहर से ऑक्सीजन लाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब वार्डों में ऑक्सीजन पाइपलाइन की वायरिंग का काम शेष बचा है।

प्राइम मिनिस्टर केयर्स (प्राइम मिनिस्टर सिटिजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन) फंड के तहत डीआरडीओ यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के तत्वावधान में बिहारशरीफ सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इसके निर्माण के लिए एनएचएआई ने सहयोग किया था। एल एंड टी डिफेंस के तहत प्लांट इंस्टॉल किया गया है। इस प्लांट में ऑक्सीजन इन रिच्ड एयरफ्लो 960 एलपीएम होगा। यानी एक मिनट में 960 लीटर ऑक्सीजन यह प्लांट देगा, जिसकी ऑक्सीजन प्यूरिटी 93 प्लस/माइनस 3 फीसदी होगा। इस प्लांट द्वारा दिये गये ऑक्सीजन का प्रेशर 4.5 केजी प्रति वर्ग सेमी (ग्राम) होगा।  इसके लिए आउटसोर्सिंग टीम के द्वारा उच्च क्षमता वाला जेनरेटर भी लगाया गया है, जबकि इस प्लांट को ऑक्सीजन देने के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाया गया है।

इंस्टॉलेशन का काम पूरा होने के बाद आज ट्रायल रन शुरू हुआ, लेकिन इसके शुरू होते ही बिजली विभाग द्वारा लगाये गये ट्रांसफार्मर से लाइन कट हो गयी। बताया गया कि बुश ही कट गया। प्लांट के इंस्टॉलेशन के लिए आये एल एंड टी के इंस्टॉलेशन इंजीनियर एसके सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर से प्लांट तक के लिए जो वायरिंग होनी थी वह 300 एंपीयर का केबुल लगाना था, लेकिन 95-95 एमएम का दो केबुल डालकर बिजली दिया गया है, जो प्लांट के लोड लेने में सक्षम नहीं है। इस कैपेसिटी के वायर से प्लांट चलाना संभव नहीं है। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी गयी है।

जिला पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है, जिसके बाद तत्काल डीपीएम और विद्युत विभाग के अभियंता को भेजा गया और निर्देश दिया गया है कि मानक के अनुसार वायरिंग में केबुल लगाये ताकि प्लांट का संचालन सुचारू रूप से हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि एक-दो दिनों के अंदर केबल बदलकर इसे चालू किया जायेगा।

एल एंड टी के अभियंताओं ने यह भी बताया कि देश के 33 अस्पतालों में इस तरह का ऑक्सीजन प्लांट इंस्टाल करने की जिम्मेवारी दी गयी थी, लेकिन बिहारशरीफ एकमात्र अस्पताल है जहां प्लांट का इंस्टॉलेशन हो चुका है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग की सराहना की है।