पटना

बिहार में अब नहीं होगी बिजली की समस्या : आर के सिंह


644 करोड़ की लागत से नवनिर्मित सीतामढ़ी पावर ग्रिड राष्ट्र को समर्पित

सीतामढ़ी (आससे)। पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के द्वारा डुमरा प्रखंड के परमानंदपुर गांव में 36 एकड़ में 644 करोड़ की लागत से नवनिर्मित पावर ग्रिड 400/ 220/ 132/ केवी सीतामढ़ी उपकेंद्र को गुरुवार को केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह व बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डुमरा हवाई अड्डा मैदान में आयोजित समारोह के माध्यम से राष्ट्र को समर्पित किया। मंत्री आरके सिंह ने कहा कि 2019 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इसकी आधारशिला रखी गई थी।

केन्द्रीय विधुत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह के द्वारा नव निर्मित 420/220/132 केवी सीतामढ़ी विधुत उपकेंद्र को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर दिवस के अवसर पर राष्ट्र को समर्पित किया। इस उपकेंद्र का निर्माण विधुत मंत्रालय भारत सरकार की महारत्न कंपनी पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया है। जो कि टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबी सीबी) मार्ग के तहत पूर्वी क्षेत्र सुदृढ़ीकरण योजना (इआरएसएस) परियोजना का हिस्सा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिहार बिजेंद्र प्रसाद यादव उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित सीतामढ़ी सांसद सुनील कुमार पिंटू, नगर विधायक मिथलेश कुमार, विधान परिषद सदस्य देवेशचंद्र ठाकुर, संजय सिंह, नव निर्वाचित विधान परिषद रेखा कुमारी, डीएम सुनील कुमार यादव, एसपी हरिकिशोर राय, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (एनर्जी) बिहार सरकार श्री के श्रीकांत, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, पावर ग्रिड तथा राज्य सरकार एवं पावर ग्रिड के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 2019 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा इसकी नींव रखी गई थी।

यह उपकेंद्र सीतामढ़ी जिला के डुमरा प्रखंड अंतर्गत परमानंदपुर गांव में बना है। और उर्जा प्रवाह के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। 36 एकड़ भूमि में बने इस विधुत उपकेंद्र की कुल लागत 644 करोड़ रुपया है। ट्रांसफॉरमेशन क्षमता 1400 एमवीए तक है। यह उपकेंद्र 400/220/132 केवी मोतिहारी एवं दरभंगा उपकेंद्र से जुड़ा हुआ है। उत्तर बिहार के लिए 400 केवी अंतर राज्यीय पारेषण का एक अतिरिक्त स्त्रोत प्रदान कर नेशनल ग्रिड के साथ राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान कर रहा है। 31 मार्च 2022 की स्थिति के अनुसार पावर ग्रिड लगभग 1,72,437 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइनों और लगभग 4,74,457 एमवीए की परिवर्तन क्षमता वाले 265 सब स्टेशनों का स्वामित्व और संचालन कर रहा है। नवीनतम उपकरणों और तकनीकी को अपनाने स्वचालन तथा डिजिटल समाधानों के उन्नत उपयोग से पावर ग्रिड पोषण प्रणाली की औसत उपलब्धता 99 प्रतिशत से ज्यादा बनाएं रखने में सक्षम रहा है।

उर्जा मंत्री ने कहा कि जब से हमारी सरकार बनी है तब से बिजली, सडक़ बनी है। हमारे सरकार बनने से पहले देखिए बिजली की समस्या, सडक़ की समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती थी। जब से हमारी सरकार बनी है तब से यह समस्या खत्म हो गई है। हमारी सरकार काम और विकास पर विश्वास करता है। और आगे आप लोगों का साथ रहा तो बिहार में और भी विकास देखने को मिलेंगे। पहले के सरकार में केवल 2 ही ग्रिड था।  अब हमारी सरकार में 14 ग्रिड है।