समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक विमर्श जरूरी : स्पीकर
(आज समाचार सेवा)
पटना। विधानमंडल का मॉनसून सत्र छिटपुट हंगामे के बीच सोमवार को शुरू हो गया। सदन में उप मुख्यमंत्री सह प्रभारी वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 27050 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। बजट पर 29 जुलाई को चर्चा होने के बाद पारित किया जायेगा। इससे पूर्व विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा है कि सत्र छोटा है, परंतु महत्वपूर्ण है। सार्थक विमर्श से राज्य की समस्याओं का निराकरण हो सकता है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही माले के सत्यदेव राम एवं राजद के डा समीर कुमार महासेठ अपनी सीटों पर खड़े होकर 23 मार्च की सदन में विधायकों के साथ दुर्व्यवहार और कथित तौर पिटाई पर की गयी कार्रवाई को लेकर वक्तव्य या विशेष चर्चा कराने की मांग करने लगे। स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें सीट पर बैठने को कहा। इसी क्रम में स्पीकर ने अपना प्रारंभिक संबोधन शुरू करते हुए कहा कि वर्तमान सत्र के दौरान पांच बैठकें निर्धारित है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी का व्यवस्थापन के लिए एक दिन, राजकीय विधेयक के लिए दो दिन एवं गैर सरकारी संकल्प के लिए एक दिन निर्धारित है।
स्पीकर ने कहा कि यह सत्र छोटा होते हुए भी महत्वपूर्ण है। इसमें आप सबों की भागीदारी आवश्यक है, क्योंकि प्रदेश की समस्याओं का निवारण करने के लिए सदन में सार्थक विमर्श होना जरूरी है और यह विमर्श आप सबों के अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने से सफल हो पायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों को सदन में रचनात्मक भूमिका निभाने का दायित्व दिया है। उम्मीद है कि सत्र के सफल संचालन में आप सभी सदस्यों का सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा।
विधानमंडल ने कोरोना काल में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की
पटना (आससे)। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में कोरोना संक्रमण से मृत लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन धारण उन्हे श्रद्धांजलि दी। दोनों सदनों के स्पीकर ने विधानमंडल के सदस्य व पूर्व सदस्यों के परिजनों के यहां सदन की भावना से अवगत करा देने की बातम कही।
विधानमंडल में औपचारिक कार्यों के निपटारे के बाद विधानसभा में अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा एवं विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिन्हा ने शोक संवेदना व्यक्त करना शुरू किया। तारापुर के जदयू विधायक मेवालाल चौधरी, विधायक शशि भूषण हजारी विधान पार्ष हरिनाराण चौधरी, विधान पार्षद तनवीर अख्तर के प्रति संवेदना प्रकट की गयी।
इसके बाद पूर्व विधान पार्षद मो बली रहमानी, बंदी उरांव, साइमन मरांडी, विधान परिषद के पूर्व सभापति प्रो अरुण कुमार, नियेल तिर्की, प्रेम नारायण गढ़वाल, कुंति देवी, जगन्नाथ प्रसाद राय, बसंत कुमार लाल, विजय कुमार सिंह, लक्षमण गिलुवा, डा मोहम्मद शहाबुद्दीन, जोराबर राम, शालीग्राम यादव, भरत सिंह, शिवेंद्र प्रसाद सिंह, रामकृष्ण यादव, अकील हैदर, रामचंद्र सिंह, प्रो राघव प्रसाद, रामविचार राय, डा रमेंद्र कुमार यादव रवि, पूर्व राज्यपाल रघुनंदन लाल भाटिया, विजय सिंह यादप, पूर्व राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा, सूर्यदेव राय, इंद्रानंद यादव, रामेश्वर प्रसाद यादव, जनार्दन मांझी के अलावा राज्य एवं देश के जाने माने कई लोग कारेोना संक्रमण काल में असमय कासल कलवित हुए हैं उनके प्रति शोक संवेदना प्रकट की गयी।
संक्रमण काल में दूसरों की जान बचाते-बचाते अपनी जान देने वाले डा प्रभात कुमार, डा केके अग्रवाल समेत 100 से अधिक चिकित्सकों को जान गांवनी पड़ी। सदन उनके निधन से मर्माहत है।
स्पीकर ने टोका-टोकी के बीच कहा कि संकल्प अगर लिये हैं तो सम्मान की बात करें। आसन के प्रत्ति सम्मान रखना सभी का दायित्व है। आसन की गरिमा गिराने के लिए गलत करने की इजाजत नहीं दी जायेगी। अगर गलत करेंगे तो कार्रवाई निश्चित है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव भी कुछ बोलने के लिए खड़े हुए लेकिन स्पीकर ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि हमें मात्र दो प्रस्ताव रखने तो दीजिए, परंतु स्पीकर नहीं राजी हुए।
उप मुख्यमंत्री सह प्रभारी वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 27050 करोड़ से अधिक राशि का प्रथम अनुपूरक व्यय विरणी सदन में पेश किया। प्रथम अनुपूरक व्यय विरणी में वार्षिक स्कीम मद के लिए 14161.9082 करोड़, स्थापना एवं प्रतिवद्ध व्यय के लिए 12685.0586 करोड़ तथा केंद्रीय क्षेत्र स्कीम के लिए 3.2115 करोड़ का प्रावधान किया गया है।





