चुनाव आयोग ने मांगा जवाब
चुनाव आयोग के कानून के अनुसार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीनेट के चेयरमैन/डिप्टी चेयरमैन, असेंबली के स्पीकर व डिप्टी स्पीकर, संघीय मंत्रियों, राज्य के गर्वनर व मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्य मंत्री, गर्वनर, मुख्यमंत्री व प्रांतीय मंत्री के अलावा आफिस में कार्यरत स्टाफ उपचुनाव के अभियानों में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। ECP ने अपने नोटिस में उल्लेख किया कि पूर्व प्रधानमंत्री ने चुनावी आचार संहिता के पैरा 42 का उल्लंघन किया है। इसमें आगे कहा गया, ‘आपको व्यक्तिगत तौर पर अधिकृत एजेंट के जरिए लिखित बयान देना होगा।’
देश में बाधित रही यूट्यूब सर्विस
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के कई हिस्सों में मंगलवार शाम को यूट्यूब सर्विस बाधित हुई। पेशावर में मंगलवार को इमरान खान ने सार्वजनिक भाषण दिया था। इमरान खान ने ट्वीट कर कहा, ‘इंपोर्टेड सरकार ने मीडिया व पत्रकारों का सेंशरशिप कर दिया है जो फासिज्म के स्तर तक पहुंचगया है। सबसे बड़ी और देश की सर्वाधिक लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी को ब्लैकआउट करने के लिए सभी मीडिया हाउसेज को भेजा गया संदेश अस्वीकार्य है।’
साल 2002 में हुआ था PEMRA का गठन
पेरिस मूल के RSF(Reporters Without Borders) के अनुसार पत्रकारों के लिए दुनिया में घातक देशों में से एक पाकिस्तान है। इसमें यह भी कहा गया कि साल 2002 में PEMRA का गठन किया गया जो मीडिया सेक्टर को रेगुलेट करने से अधिक इसके द्वारा प्रकाशित होने वाले सामग्रियों की चिंता करता है।