Post Views:
1,011
Related Articles
दिशानिर्देशोंका पालन ही विकल्प
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 851 अभी हालतक सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था। अचानक ही कोरोनाका नया दौर शुरू हो गया और यह इतना भयंकर है कि किसीको समझमें नहीं आ रहा है कि इससे कैसे निबटा जायगा। लोग धड़ाधड़ अपने व्यवसाय और कारखाने बन्द कर रहे हैं तथा बिहार और उत्तर प्रदेशके मजदूर सिरपर अपनी गठड़ी लादे […]
परिवर्तित होता मानव जीवन परिदृश्य
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 1,001 एक बार फिरसे इस महामारीने भयंकर रूप धारण कर लिया है। कई देशोंकी व्यवस्थाएं बदल गयी हैं। लगभग एक महीनेसे भारतमें भी इस संक्रमणसे भयंकर स्थिति हो गयी है। देशकी कई राज्य सरकारोंने तीव्र गतिसे फैलते संक्रमण तथा मृत्यु दरमें वृद्धि होनेके कारण फिरसे लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू तथा कई प्रकारकी बंदिशें लगानी […]
जीवनकी वीणा
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 888 ओशो जीवन मिलता नहीं, निर्मित करना होता है। इसीलिए मनुष्यको शिक्षाकी जरूरत है। शिक्षाका एक ही अर्थ है कि हम जीवनकी कला सीख सकें। एक घरमें बहुत दिनोंसे एक वीणा रखी थी। उस घरके लोग भूल गये थे, उस वीणाका उपयोग। पीढिय़ों पहले कभी कोई उस वीणाको बजाता रहा होगा। अब तो […]




