Post Views: 565 ओशो विचारकी वीणाके तार इतने खिंचे हुए हैं कि उनसे संगीत पैदा नहीं होता और मनुष्य विक्षिप्त हो गया है। यह विचारकी वीणाके तार थोड़े शिथिल करने अत्यंत जरूरी हो गये हैं, ताकि वह समस्थितिमें आ सकें और संगीत उत्पन्न हो सके। विचारका केंद्र मस्तिष्क है और भावका केंद्र हृदय है और […]
Post Views: 571 ओशो पुराने संतोंका कहना है करुणापर गौतम बुद्धका जोर एक बहुत ही नयी घटना थी। गौतम बुद्धने ध्यानको अतीतसे एक ऐतिहासिक विभाजन दिया है, उनसे पहले ध्यान अपने आपमें पर्याप्त था, किसीने भी ध्यानके साथ करुणापर जोर नहीं दिया और उसका कारण था कि ध्यान संबुद्ध बनाता है, ध्यान तुम्हारे होनेकी चरम […]
Post Views: 842 तारकेश्वर मिश्र देशमें एक बार फिर कोरोनासे जुड़ी खबरोंमें तेजी आ गयी है। एक ओर देशमें कोरोनाका टीकाकरण जारी है वहीं दूसरी ओर कोरोनाके नये मरीज तेजीसे सामने आ रहे हैं। कोरोनाकी नयी लहर चिंताका बड़ा कारण है। वास्तवमें कोरोना वायरसके बढ़ते संक्रमणकी बुनियादी वजह गलतफहमी और आम लापरवाही है। चूंकि देशमें […]