Post Views: 1,001 ओशो मनुष्य एक अकेली प्रजाति है, जिसका आहार अनिश्चित है। अन्य सभी जानवरोंका आहार निश्चित है। उनकी बुनियादी शारीरिक जरूरतें और उनका स्वभाव फैसला करता है कि वह क्या खाते हैं और क्या नहीं। किंतु मनुष्यका व्यवहार बिलकुल अप्रत्याशित है, वह बिलकुल अनिश्चिततामें जीता है। न ही तो उसकी प्रकृति उसे बताती […]
Post Views: 1,227 विष्णुगुप्त चीनमें जनताकी सहभागिता होती ही नहीं है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती नहीं है। मानवाधिकार की बात करने वाले लोग मार दिये जाते है या फिर अनंतकालतक जेलोंमें डाल दिये जाते हैं। वहांकी जेलें घोर अमानवीय होती हैं। एक रिपोर्टमें कहा गया है कि चीन उईगर मुसलमानोंका जनसांख्यिकीय नरसंहार कर रहा है। […]
Post Views: 814 डा. भरत झुनझुनवाला इस वित्तीय वर्षकी पहली तिमाहीमें हमारी सकल घरेलू आय यानी जीडीपीमें २४ प्रतिशतकी गिरावट आयी थी। इसके बादकी दूसरी एवं तीसरी तिमाहीमें आठसे दस प्रतिशत गिरावट रहनेका अनुमान है जो कि सुधारका संकेत देता है। इसी प्रकार जूनमें वैश्विक संस्थाओंका आकलन था कि इस पूरे वर्ष २०२०-२१ में भारतकी […]