Post Views: 901 हृदयनारायण दीक्षित विश्व कर्मप्रधान है। तुलसीदासने भी लिखा है कर्म प्रधान विश्व रचि राखा। सत्कर्मकी प्रशंसा और अपकर्मकी निन्दा समाजका स्वभाव है। लोकमंगलसे जुड़े कर्मोकी प्रशंसासे समाजका हितसंवद्र्धन होता है। प्रशंसाका प्रभाव प्रशंसित व्यक्तिपर भी पड़ता है। वह लोकहित साधनामें पहले से और भी ज्यादा सक्रिय होता है। समाज प्रशंसनीय व्यक्तिका अनुसरण […]
Post Views: 524 कोरोना वायरसकी सुनामीसे देशकी स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गयी हैं। स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार हैं और कोरोना वायरसकी भयावहताके आगे स्वास्थ्य सुविधाएं बौनी साबित हो गयी हैं। देशके मेट्रो शहरों, महानगरोंसे लेकर छोटे और कस्बाई शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रोंमें स्थित सभी अस्पतालोंकी स्थिति अत्यन्त ही कमजोर है, जिनपर कोरोना वायरससे बढ़े […]
Post Views: 844 अवधेश कुमार उमर अब्दुल्लाने कहा कि डीडीसी चुनावोंमें लोगोंने भाजपाको करारा जवाब दिया है। वह इसे धारा ३७० हटाये जानेके खिलाफ जनादेश भी बता रहे हैं। आश्चर्यजनक वक्तव्यपर यदि चुनाव आयोग द्वारा दिया आंकड़ा देखें तो जिस गुपकार गठबंधनको यह लोग शक्तिशाली मोर्चा मान रहे थे, जिसकी किलेबंदी कोई भेद नहीं सकता, […]