Post Views: 614 आर.एन. तिवारी अर्जुनने चित्ररथसे संगीत विद्या सीखी। गान-विद्यामें अत्यंत निपुण और सभी गन्धर्वोंमें मुख्य होनेके कारण भगवानने चित्ररथको अपनी विभूति कहा है। मैं ही सभी सिद्ध पुरूषोंमें कपिल मुनि हूं। सिद्ध दो तरहके होते हैं- एक तो साधना करके सिद्ध बनते हैं और दूसरे जन्मजात सिद्ध होते हैं। मुश्किलें हमेशा बेहतरीन लोगोंके […]
Post Views: 972 श्रीश्री रवि शंकर शिव कोई व्यक्ति या शरीर नहीं है। शिव शाश्वत तत्व है, जो सब तत्वोंका सार है। यह वह मूल तत्व है, जिससे प्रत्येककी उत्पत्ति एवं पालन होता है और इसीमें विलीन हो जाता है। इस अति सूक्ष्म एवं अप्रत्यक्ष तत्वको कोई कैसे समझा सकता है। नटराज अथवा ब्रह्मïांडके नर्तकके […]
Post Views: 1,022 डा. अमोद मनोचा अमूमन हर उम्रका व्यक्ति सिरदर्दका अनुभव करता है। आम तौरपर सिरदर्द सौसे भी ज्यादा प्रकारके होते हैं, लेकिन कुछ प्रकार अन्यकी तुलनामें ज्यादा आम हैं। विश्व स्तरपर पिछले साल लगभग आधी दुनियाने कमसे कम एक बार सिरदर्दका अनुभव किया। वहीं कुछ लोग हर महीने १५ या ज्यादा दिनोंतक इसका […]