Post Views: 1 ओशो जीवन मिलता नहीं, निर्मित करना होता है। इसीलिए मनुष्यको शिक्षाकी जरूरत है। शिक्षाका एक ही अर्थ है कि हम जीवनकी कला सीख सकें। एक घरमें बहुत दिनोंसे एक वीणा रखी थी। उस घरके लोग भूल गये थे, उस वीणाका उपयोग। पीढिय़ों पहले कभी कोई उस वीणाको बजाता रहा होगा। अब तो […]
Post Views: 3 अशोक भगत दुनियाकी दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्यावाला देश भारत रोजगारके मामलेमें बेहद पिछड़ा माना जाता है। मानव सभ्यता विकासके प्रथम चरणसे ही प्रगतिका मापदंड रोजगार ही रहा है। इसमें यदि कोई देश पिछड़ा है तो अमूमन यह मान लिया जाता है कि उसकी आर्थिक प्रगति कमजोर है। आंकड़ोंके अनुसार भारतमें मात्र ३.७५ […]
Post Views: 1 विजयनारायण चीन आखिर पश्चिम एशियामें पहुंच ही गया। यह कोशिश वह विगत तीस वर्षोंसे कर रहा था, लेकिन पश्चिम एशियाके किसी भी देशने उसे घास नहीं डाली, उन्हें इस बातका अच्छी तरह पता है कि चीनके आनेका मतलब ही होता है नये तनावोंको जन्म देना। पश्चिम एशियाके देश यह भी जानते हैं […]