Post Views: 16 विष्णुगुप्त चीनमें जनताकी सहभागिता होती ही नहीं है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती नहीं है। मानवाधिकार की बात करने वाले लोग मार दिये जाते है या फिर अनंतकालतक जेलोंमें डाल दिये जाते हैं। वहांकी जेलें घोर अमानवीय होती हैं। एक रिपोर्टमें कहा गया है कि चीन उईगर मुसलमानोंका जनसांख्यिकीय नरसंहार कर रहा है। […]
Post Views: 16 प्रो. एस. शर्मा जीवन बचानेके संघर्षमें सामान्य परिस्थितियोंकी प्राथमिकताएं पीछे छूट गयी हैं। लगभग डेढ़ वर्षसे वैश्विक कोरोना महामारीसे जूझते हुए मानवीय जीवन काफी आशंकित, आतंकित तथा भयभीत हो चुका है। दुनियामें असमय तथा अकारण लाखों मौतोंने जीवनकी परिभाषा बदल दी है। अपनोंको खो देनेकी पीड़ा तथा बुरी तरहसे फैले हुए मौतके […]
Post Views: 24 देशमें कोरोना काल की सबसे भयावह तस्वीर हमारे सामने आने लगी है। पिछले १४ माहोंके कोरोना संक्रमण कालके सारे रिकार्ड टूटते हुए इस रविवारको देशमें कोरोना संक्रमितोंका एक दिनका आंकड़ा एक लाख पार कर गया। कोरोनाके पीक समय सितंबरमें भी एक दिनमें अधिकतम ९७ हजार ८६० कोरोना संक्रमित एक दिनमें देशमें सामने […]