Post Views: 772 श्यामसुन्दर मिश्र स्वतन्त्रता प्राप्तिके बाद अधिकांश नेता देशसेवा एवं देशभक्तिकी भावनासे लबरेज रहे। किन्तु कुछ चोटीके नेताओंने अपनी धमक एवं धनबलके चलते उन्हें अपने इरादोंमें कामयाब नहीं होने दिया। फलस्वरूप लोकतंत्र एक पार्टी एवं एक परिवारकी विरासत बनकर रह गया। यह भी नहीं कहा जा सकता कि उनके कार्यकालमें विकास कार्य नहीं […]
Post Views: 655 योगेश कुमार सोनी इस वर्ष फिरसे बढ़ते कोरोना संक्रमणके चलते श्रीराम जन्मोत्सवका आयोजन ज्यादा धूमधामसे मनाये जानेकी संभावना कम ही रहेगी लेकिन भीड़-भाड़से बचकर लोग अपने घरमें भी अपने आराध्य देवके जन्मोत्सवको श्रद्धापूर्वक मना सकते हैं। विभिन्न हिन्दू धर्मग्रंथोंमें कहा गया है कि श्रीरामका जन्म नवरात्रके अवसरपर नवदुर्गाके पाठके समापनके पश्चात् हुआ […]
Post Views: 1,292 अशोक ‘प्रवृद्ध’ मार्गशीर्ष शुक्ल पक्षकी एकादशीको मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। इसी दिन द्वापर युगमें भगवान श्रीकृष्णने अर्जुनको गीताका उपदेश दिया था। इसी कारण मोक्षदा एकादशीके दिनको गीता जयंतीके नामसे भी जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्णके मुखसे गीताका जन्म कुरुक्षेत्रमें हुआ था। भगवानने युद्धसे विचलित अर्जुनको उपदेश दिये वह […]