Post Views: 977 डा. जयंतीलाल भंडारी वर्ष २०२१-२२ का बजट आर्थिक उम्मीदोंभरा दिख रहा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतीरमणने विभिन्न वर्गों और विभिन्न सेक्टरोंके लिए भारी भरकम बजट आवंटित करते हुए राजकोषीय घाटेको जीडीपीके ६८ फीसदीतक विस्तारित करनेमें संकोच नहीं किया है। गौरतलब है कि यह बजट आजादीके बाद अर्थव्यवस्थाके सबसे अधिक ७.७ फीसदीकी विकास दरमें […]
Post Views: 877 राजेश माहेश्वरी कोरोना जैसी आपदाके चलते देशको जिन परिस्थितियोंका सामना करना पड़ा वह बहुत कष्टदायी और दर्दनाक हैं। प्रधान मंत्रीने अपने उद्ïबोधनमें कोरोनाकी स्वदेशी वैक्सीनको लेकर फैलाये गये भ्रमके बारेमें भी बात की। इसमें कोई दो राय नहीं है कि चंद राजनीतिक दलोंने अपनी तुच्छ राजनीतिके लिए टीकेको लेकर भ्रम फैलाया, जिससे […]
Post Views: 1,138 हृदयनारायण दीक्षित संसार रूपोंसे भरापूरा है। यहां प्रत्येक रूपके लिए शब्द हैं। रूपका नाम शब्दसे प्रकट होता है। प्रत्येक शब्द ध्वनि है। शब्द ध्वनि हमारे मस्तिष्कको सक्रिय करती है। मस्तिष्कमें प्रत्येक शब्दका वास्तविक रूप होता है। समुद्र वास्तविक है। अथाह जलराशि और लहरोंका यथार्थ। लेकिन समुद्र नामकरण एक शब्द मात्र है। समुद्र […]