Post Views: 1,093 अभिनय आकाश सत्ताके लिए नैतिकताके मूल्य जानबूझकर तोड़े गये, भाषाकी मर्यादा भी टूटती रही। महाभारत क्या है। सत्ताके लिए निरन्तर टूटती मर्यादाएं। महाभारतके युद्धके वक्त तमाम तरहके कायदे तय हुए थे जैसे सूर्यास्तके बाद कोई शस्त्र नहीं उठायेगा, स्त्रियों, बच्चों और निहत्थोंपर कोई वार नहीं करेगा। महाभारत तो परम्पराओंकी कहानी है लेकिन […]
Post Views: 822 देशमें कोरोना वायरसकी दूसरी लहर काफी सुस्त हो गयी है। नये माामलोंमें लगातार गिरावटके साथ ही सक्रिय मामलोंकी संख्या भी घट रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयने शुक्रवारको जो आंकड़ा जारी किया है उसके अनुसार पिछले २४ घण्टोंमें कोरोनाके ६२,४८० नये मामले दर्ज किये गये और १५८७ मरीजोंकी मृत्यु हुई। मृत्युके आंकड़ोंमें भी […]
Post Views: 698 अशोक भगत दुनियाकी दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्यावाला देश भारत रोजगारके मामलेमें बेहद पिछड़ा माना जाता है। मानव सभ्यता विकासके प्रथम चरणसे ही प्रगतिका मापदंड रोजगार ही रहा है। इसमें यदि कोई देश पिछड़ा है तो अमूमन यह मान लिया जाता है कि उसकी आर्थिक प्रगति कमजोर है। आंकड़ोंके अनुसार भारतमें मात्र ३.७५ […]