Post Views: 1,286 -डा. गदाधर त्रिपाठी केवल मनुष्य ही नहीं, इस धरतीका प्रत्येक प्राणी सुख चाहता है और अपने पूरे जीवनमें जो भी कार्य करता है, वह सभीका सभी केवल सुख पानेके लिए ही करता है। हां, यहांपर निश्चयात्मक रूपसे इस विषयमें तो कुछ नहीं कहा जा सकता कि मनुष्येतर जीव किसे सुख मानता है […]
Post Views: 995 डा. नीलम महेंद्र वर्ष २०२१ में भारतको स्वराज प्राप्त हुए ७४ वर्ष पूर्ण हुए और हम स्वतंत्रताके ७५वें वर्षमें प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसरपर देश स्वाधीनताका अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे समयमें प्रधान मंत्री उत्तर प्रदेशके अलीगढ़में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राजकीय विश्वविद्यालयकी आधारशिला रखते हैं। भारत जैसे देश जो […]
Post Views: 787 बाबा हरदेव गुरुका ध्यान करके किया हुआ कर्म ही प्रधान हो जाता है। कई बार इनसान चालाकी भी कर जाता है, सोच लेता है कि आज भले मेला देखो, वहां हाजिरी तो लग ही जायगी। यह दिमागकी चालाकी है दिमागी खोज है। दिमाग जो सोचता है, उसमें बनावट हुआ करती है। वास्तवमें […]