Post Views: 662 डा. जयंतीलाल भंडारी जब वर्ष २०२० की शुरुआत हुई, तब जनवरी माहमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, वल्र्ड बैंक तथा दुनियाके अनेक वैश्विक संघटन यह कहते हुए दिखाई दे रहे थे कि वर्ष २०१९ की आर्थिक निराशाओंको बदलते हुए वर्ष २०२० में भारतीय अर्थव्यवस्थाका प्रदर्शन सुधरेगा और विकास दर तेजीसे बढ़ेगी, लेकिन कोरोनाके कारण […]
Post Views: 496 हृदयनारायण दीक्षित संसार प्रत्यक्ष है। संसार समझनेके लिए प्रकृति प्रदत्त पांच इन्द्रियां हैं। आंखसे देखते हैं, कानोंसे सुनते हैं। त्वचासे स्पर्श, जीभसे स्वाद और नाकसे सूंघते हैं। संक्षेपमें रूप, रस गंध, ध्वनि और स्वाद ही संसार समझनेके उपकरण हैं। मनको इङ्क्षन्द्रयोंका स्वामी बताया गया है। दृश्यपर मन न लगे तो देखना व्यर्थ […]
Post Views: 845 राजेश माहेश्वरी नये कृषि कानूनोंके खिलाफ किसानोंमें काफी गुस्सा है। किसान नेताओं और संघटनोंका मत है कि यह बिल उन अन्नदाताओंकी परेशानी बढ़ायंगे, जिन्होंने अर्थव्यवस्थाको संभाल रखा है। कुछ विशेषज्ञोंका कहना है कि इस कानूनसे किसान अपने ही खेतमें सिर्फ मजदूर बनकर रह जायगा। हमें अपने देशकी स्थिति और किसानके हालातके मुताबिक […]