पटना

पटना: इनडोर पेसेंट को मिलेगा ‘दीदी की रसोई’ का खाना

पौष्टिक भोजन पर खर्च होंगे 150 रुपये, कांट्रैक्ट का विस्तार अगले पांच वर्षों के लिए किया जायेगा

पटना (आससे)। राज्य के सभी जिला व अनुमंडलीय अस्पतालों के इनडोर पेसेंट को उपचार अवधि के दौरान ‘दीदी की रसोई’ का शुद्ध और पोषक खाना मिलेगा। इसके लिए राज्य स्वास्यि समिति और बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति के बीच करार किया जायेगा। यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दी। उनहोंने कहा कि सरकार लोगों को सुलभ और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं सहित मरीजों को शुद्ध भेाजन उपलब्ध कराने की दिशा में अग्रसर है।

फिलहाल बक्सर, शिवहर, सहरसा, गया, शेखपुरा, पूर्णिया और वैशाली के सदर अस्पतालों तथा गया के इनडोर अनुमंडलीय अस्पताल के पेसेंट को उपचार अवधि के दौरान रोगियों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणात्मक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इससे रोगियों को शुद्ध एवं पोषक भोजन उपलब्ध हो रहा है, वहीं जीविका दीदियों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुए हैं। इसी को ध्यान में रखकर सभी जिला एवं अनुमंडलीय अस्पताल में यह व्यवस्था की गयी है।

उन्होंने बताया कि इनडोर पेसेंट के लिए प्रति मरीज भोजन की दर १५० रुपये प्रस्तावित है, जिसमें हर वर्ष संभावित मूल्य वृद्धि के तहत पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी की जायेगी। भुगतान हेतु केन्द्रीयकृत व्यवस्था की जायेगी। इस काम के लिए जीविका द्वारा विनिर्दिष्टï ‘दीदी की रसोई’ हेतु संबंधित जिला एवं अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में उपयुक्त स्थान, बिजली, पानी तथा शौचालय की व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करायेगा। बिजली विभाग का भुगतान ‘दीदी की रसोई’ द्वारा किया जायेगा।

अनुबंध अवधि में जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों के परिसर में कोई अन्य कैंटीन नहीं संचालित होंगे। आउटडेर रेागियों के परिसर तथा अस्पताल के डॉक्टर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए दीदी की रसोई ही कैंटीन की सुविधा उपलब्ध करायेगी। जिला स्वास्थ्य समिति के परामर्श से दीदी की रसोई के द्वारा दर का निर्धारण किया जायेगा। इस व्यवस्था का सतत अनुश्रवण और मूल्यांकन स्वास्थ्य समिति और जीविका करेंगी। पांच वर्षों के लिए किया जायेगा।