Post Views: 1,302 दिव्यचेतनानंद आनंद मार्गका साधारण अर्थ है. वह मार्ग जो मनुष्यको परमानंदका रास्ता दिखाये। आनंद मार्ग मनुष्यको त्रिस्तरीय विकासके लिए प्रेरित करता है। विकासके ये तीन स्तर हैं-शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास। परम आनंदकी प्राप्तिके लिए योग साधना नितांत आवश्यक है। आनंद मार्गका उद्देश्य है, आत्म मोक्षार्थम् जगत हिताय च। यानी आत्माकी मुक्ति […]
Post Views: 772 डा. धनंजय सहाय महात्मा गांधीने जिन समस्याओंसे हमें अवगत कराया था उनपर स्वतन्त्र भारतमें सत्तानशीं होनेवाली सरकारोंने ईमानदारीसे अमल नहीं किया। यही कारण है कि स्वच्छता जैसे मसलेपर आजादीके लगभग सात दशकों बाद मोदी सरकारको अभियान चलाना पड़ा। पर्यावरण प्रदूषण मुद्दा अत्यन्त गम्भीर है। इसपर गांधीजीके विचार अत्यन्त प्रासंगिक हैं। इस बातमें […]
Post Views: 972 जग्गी वासुदेव आप जब अलग-अलग तरहके विचारों और भावनाओंसे गुजरते हैं तो आपकी सांसकी बनावट अलग-अलग तरहकी होती है। जब क्रोधित होते हैं तो एक तरीकेसे सांस लेते हैं। यदि शांत होते हैं तो दूसरे तरीकेसे सांस लेते हैं। यदि बहुत खुश होते हैं तो दूसरे तरीकेसे सांस लेते हैं। यदि दुखी […]