Post Views: 1,037 जी. पार्थसारथी नि:संदेह शांति और सुरक्षा भारत-पाकिस्तानके लिए मुख्य चिंताका विषय रहे हैं। ४ जुलाई, २००४ जिस दिन दक्षेस सम्मेलनमें भाग लेनेके लिए प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस्लामाबादमें थे तो उन्होंने पाकिस्तानके राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफके साथ संयुक्त घोषणापत्र जारी किया था, इसमें कहा गया था, राष्ट्रपति मुशर्रफने प्रधान मंत्री वाजपेयीको […]
Post Views: 902 देशकी आर्थिक राजधानी मुम्बईमें आफतकी मूसलधार बारिशके कारण भूस्खलन और दीवार गिरनेकी घटनाओंमें ३० लोगोंकी मौत और करीब १८ लोगोंका घायल होना अत्यन्त दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। शहरके चेंबूर इलाकेमें भूस्खलनके बाद एक दीवार ढहनेसे कई झुग्गियां जमींदोज हो गयीं। इस हादसेमें ११ महिलाओं समेत १९ लोगोंकी मौत हो गयी। वहीं बिखरोली […]
Post Views: 589 प्रणय कुमार भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर अपने अधिकांश समकालीन राजनीतिज्ञोंकी तुलनामें राजनीतिके खुरदुरे यथार्थकी ठोस एवं बेहतर समझ रखते थे। नारों एवं तकरीरोंकी हकीकत वह बखूबी समझते थे। जाति-भेद एवं छुआछूतके अपमानजनक दंशको उन्होंने केवल देखा-सुना-पढ़ा ही नहीं, अपितु भोगा भी था। तत्कालीन जटिल सामाजिक समस्याओंपर उनकी पैनी निगाह थी। […]