Post Views: 890 विष्णुगुप्त अमानतुल्लाह खानकी बयानबाजीपर भारतीय राजनीतिकी चुप्पी और सोशल मीडियापर धमकीको व्यापक समर्थन मिलना चिन्तित करता है। आम तौरपर यह माना जाता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्थामें जहांपर संविधान सर्वश्रेष्ठ होता है वहां किसी भी समस्याका समाधान संविधान है। यदि कोई विचार या फिर हिंसा संविधानको चुनौती देनेवाले होते हैं तो उसपर राजनीति […]
Post Views: 911 आतंकवादका दिनोंदिन बढ़ता खतरा पूरे विश्वके लिए बड़ी चुनौती है। यदि अब भी नहीं चेते तो आनेवाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। काबुल हवाई अड्डïेके पास गुरुवारको हुए बम धमाकोंने पूरी दुनियाको झकझोर दिया है। इस आत्मघाती हमलेमें बड़ी संख्यामें महिलाएं, बच्चे और पुरुष हताहत हुए हैं, जो मानवताके नामपर कलंक […]
Post Views: 639 पुष्परंजन प्रधान मंत्री मोदी पहली ढाका यात्रा छहसे सात जून, २०१५ को कर आये थे। तब सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं था। मोदी शासन पार्ट-टू और कोरोना कालकी पहली विदेश यात्रामें सुरक्षाकी चिंता वायरसको लेकर नहीं, अतिवादियोंको लेकर है। बंगलादेशने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होगी, चिंताकी कोई बात नहीं। राजधानी […]