Post Views: 799 डा. श्रीनाथ सहाय अबतक तो केवल इण्टरनेटके जरिये फैले पोर्नोग्राफीके कारोबारको लेकर ही चिन्ता व्यक्त की जाती थी किन्तु अब ओटीटी रूपी इस माध्यमने डरावनी स्थित उत्पन्न कर दी है। एक समय था जब भारतमें मां-बाप बच्चोंको सिनेमा देखनेतकसे रोकते थे। लेकिन पहले टेलीविजन और उसके बाद इण्टरनेटके उदयने मनोरंजनको सर्वसुलभ कर […]
Post Views: 838 कोरोनाकी जानलेवा दूसरी लहर पूरी तरह बेकाबू हो गयी है। देशमें संक्रमितों और मृतकोंकी संख्याके सभी रिकार्ड टूट गये हैं। रविवारको केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयकी ओरसे जारी ताजे आंकड़ोंके अनुसार लगातार चौथे दिन देशमें दो लाखसे ज्यादा नये मामले सामने आये। पिछले २४ घण्टेके दौरान दो लाख ६१ हजार ५०० नये मामले दर्ज […]
Post Views: 776 डा. शंकर सुवन सिंह प्राचीन भारतीय सभ्यतामें संयुक्त परिवार हुआ करते थे। परिवारको सम्बल प्रदान करनेकी विशेषता सिर्फ संयुक्त परिवारमें हुआ करती है। परिवारकी एकता ही उसकी शक्तिकी परिचायक होती है। संयुक्त परिवार ही विषम परिस्थितियोंमें शक्तिका परिचायक हुआ करती है। कोरोनाकी दूसरी लहरने देशमें त्राहि मचा दिया। आंकड़े बताते हैं कि […]