Post Views: 8 कर्मवीर चाïर ही जीवनका सार होते हैं क्योंकि व्यक्तिके जैसे विचार होते हैं वैसी ही उसकी क्रियाएं होती हैं और उसकी क्रियाएं ही उसकी आदते बन जाती हैं और उसकी आदतें ही उसका चरित्र बनता है और व्यक्तियोंके चरित्रसे मिलकर राष्ट्रका चरित्र बनता है। मनुष्यके अन्तर्मनमें आत्म शक्ति, स्मरण शक्ति, कल्पना शक्ति, […]
Post Views: 19 अनूप शास्त्रोंके अनुसार भगवान विष्णुकी पूजा बिना तुलसी पत्तेके अधूरी मानी जाती है। तुलसीकी सेवाभाव करनेसे घरमें सुख-समृद्धि बनी रहती है। हिंदू धर्ममें तुलसीका पौधा पवित्र, पूजनीय और लाभकारी माना गया है। आयुर्वेदमें भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। हिंदू धर्ममें मान्यता है कि तुलसीके पत्तोंको गंगाजलके साथ मृत व्यक्तिके मुंहमें रखनेसे […]
Post Views: 11 अवधेश कुमार जनसंख्या नियंत्रण कानूनकी मांग करनेवाले ज्यादातर लोगोंका तर्क था कि चीनकी एक बच्चेकी नीतिकी तर्जपर हमारे यहां भी कानून बने। इन लोगोंको वर्तमान नीति जारी करते समय चीन द्वारा दिये गये अपने जनगणनाके आंकड़ोंके साथ नीति बदलनेके लिए बताये गये कारणोंपर अवश्य गौर करना चाहिए। हालांकि जो लोग चीन और […]