Post Views: 720 हृदयनारायण दीक्षित संसार प्रत्यक्ष है। संसार समझनेके लिए प्रकृति प्रदत्त पांच इन्द्रियां हैं। आंखसे देखते हैं, कानोंसे सुनते हैं। त्वचासे स्पर्श, जीभसे स्वाद और नाकसे सूंघते हैं। संक्षेपमें रूप, रस गंध, ध्वनि और स्वाद ही संसार समझनेके उपकरण हैं। मनको इङ्क्षन्द्रयोंका स्वामी बताया गया है। दृश्यपर मन न लगे तो देखना व्यर्थ […]
Post Views: 1,447 भारतका चुनावी परिदृश्य विगत छह दशकोंसे गठबंधनके प्रयोगोंसे भरा पड़ा है। ये प्रयोग अंतत: पर्सनालिटीके विरुद्ध हमेशासे अपने-अपने दावोंको मजबूत करनेपर आधारित रहे हैं। कभी नेहरू, कभी इंदिरा, कभी सोनिया गांधीके खिलाफ इन्हें बनाया गया है। किन्तु इनकी ऐतिहासिक असफलताएं बताती हैं कि कार्यक्रमके मुकाबले व्यक्तित्वसे टकरावकी राजनीतिकी सफलता संदेहास्पद रहती है। […]
Post Views: 871 योगेश कुमार गोयल मुख्य चुनाव आयुक्त पदसे सुनील अरोड़ाके सेवानिवृत्त होनेके बाद ६३ वर्षीय चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा देशके नये मुख्य चुनाव आयुक्त बन गये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा निर्वाचन आयोगके सबसे बड़े पदके लिए उनके नामको स्वीकृति दी गयी थी, जिसके बाद केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचनाके अनुसार […]