Post Views: 544 राकेश जैन देशमें धर्मके नामपर बंटवारा चाहे स्वतन्त्रताप्राप्तिके समय हुआ, परन्तु कहते हैं कि विभाजनका बीज उसी दिन बोया गया जब किसी पहले भारतीयने धर्म परिवर्तन किया। चाहे इस्लामका भारतमें प्रादुर्भाव काफी समय पहले हो चुका था परन्तु जिहादी कासिमके सिन्धपर हमलेके बाद इस्लाम और हमारे बीच लगभग हमलावर एवं संघर्षशील समाजका […]
Post Views: 960 डा. उत्तम कुमार सिन्हा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जाको बढ़ावा देनेका प्रयास स्पष्ट तौरपर दिख रहा है। वर्ष २०१५ के पेरिस जलवायु समझौतेके आधारपर भारत इसके लिए प्रतिबद्ध है। हमने अतिरिक्त प्रयासके रूपमें संचित कॉर्बन सिंकके लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। यानी २.५२३ बिलियन टन कॉर्बन डाइऑक्साइडके आधारपर २०३० तक […]
Post Views: 674 राघवेन्द्र सिंह समान नागरिक संहिताको इसलिए भी आगे बढ़ाना चाहिए क्योंकि इससे समाजमें कई समस्याओंका निराकरण होगा तथा हमारा समाज अधिक एकजुट दिखेगा। संविधानके भाग-४ में राज्यके नीति निदेशक सिद्धान्तोंका ब्यौरा है। संविधानके आर्टिकल-३६ से ५१ तकके जरिये राज्यको कई सुझाव दिये गये हैं। इनमें उम्मीद जतायी गयी है कि राज्य अपने […]