Post Views: 954 विरला ही कोई ऐसा भारतीय होगा जो किसी न किसी क्षेत्रमें बंगालकी असाधारण प्रतिभा एवं तीक्ष्ण बौद्धिकतासे प्रभावित न हुआ हो। परन्तु कैसी विचित्र विडंबना है कि जो बंगाल कला, सिनेमा, संगीत, साहित्य, संस्कृतिकी समृद्ध विरासत और बौद्धिक श्रेष्ठताके लिए देश ही नहीं, पूरी दुनियामें विख्यात रहा हो, वह आज चुनावी हिंसा, […]
Post Views: 1,023 श्रीराम शर्मा आजके समयमें मनुष्यके बाहर-भीतर शांति तथा सुव्यवस्था स्थापित करनेके लिए आध्यात्मिक प्रयास ही सार्थक हो सकते हैं। श्रद्धा, भावना, तत्परता एवं गहराई इन्हींमें समाहित है। हर मानवका धर्म, सामान्यसे ऊपर, वह कर्तव्य है, जिसे अपना कर लौकिक, आत्मिक उत्कर्षके मार्ग प्रशस्त हो जाते हैं। धर्म अर्थात्ï जिसे धारण करनेसे व्यक्ति […]
Post Views: 1,099 बीके शिवानी हम जो कर्म करते हैं, वह हमें नहीं दिखता, भाग्य दिखता है। हम सोचते हैं कि जो भी होता है, भगवानकी मर्जीसे होता है। ठीक भी है। इसलिए हम रोज उनसे कहते हैं- हे, भगवान मेरी समस्या ठीक कर दो। क्या भगवान हमारी समस्या ठीक कर सकते हैं। मान लो […]