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ऋषि परम्परा
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 939 हेमन्त रिछारिया सनातन धर्ममें गोत्रका बहुत महत्व है। गोत्रका शाब्दिक अर्थ तो बहुत व्यापक है। विद्वानोंने समय-समयपर इसकी यथोचित व्याख्या भी की है। गो अर्थात् इन्द्रियां, वहीं त्र से आशय है, रक्षा करना, अत: गोत्रका एक अर्थ इन्द्रिय आघातसे रक्षा करनेवाले भी होता है जिसका स्पष्ट संकेत ऋषिकी ओर है। सामान्यत: गोत्रको […]
मंत्रोच्चारसे मस्तिष्कपर सकारात्मक असर
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जीवनकी वीणा
Posted on Author ARUN MALVIYA
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